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तिब्बत से उठी बाढ़ की लहर ने नेपाल में मचाई तबाही, रसुवा का टिमुरे बाजार उजड़ा, 1000 लोगों के बहने की आशंका

तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही

Nepal Flood: तिब्बत की ओर से अचानक आई तेज बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। लेन्दे खोला, जिसे भोटेकोशी के नाम से भी जाना जाता है, में अचानक आई बाढ़ के कारण रसुवा सीमा नाके पर बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, टिमुरे समेत आसपास के दो बाजार बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गए हैं।इस भीषण आपदा के बीच करीब 1000 लोगों के बाढ़ में बह जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पीएम बालेंद्र शाह ने बुलाई आपात बैठक

नेपाल में बाढ़ से पैदा हुए गंभीर हालात के बीच प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है। उनके सलाहकार असीम शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों से सीधे संपर्क में हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से बाजार के साथ-साथ कस्टम कार्यालय का इलाका भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रसुवा भन्सार क्षेत्र में खड़े कई वाहन और बड़ी मात्रा में अन्य सामान पानी के तेज बहाव में बह गए।अधिकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर पिछले साल की बाढ़ में पुल क्षतिग्रस्त हुआ था, वहां हाल ही में नया पुल बनाया गया था। यह पुल भी इस बार आई भीषण बाढ़ में बह गया।

बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़

जिला पुलिस कार्यालय रसुवा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक तेज बाढ़ आई। इसके बाद टिमुरे बाजार की बस्ती प्रभावित हो गई। रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से निचले तटीय इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं के बह जाने की सूचना भी मिली है। कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

तीन पुलिस कार्यालय भी चपेट में

तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का असर नेपाल पुलिस के कार्यालयों पर भी पड़ा है। पुलिस प्रधान कार्यालय के अनुसार, रसुवा जिले में इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी को भी भारी नुकसान पहुंचा है।इसी बीच बाढ़ का पानी नुवाकोट तक भी पहुंच गया है। जिला प्रशासन कार्यालय नुवाकोट के सूचना अधिकारी रूपेश प्रसाद नेपाल ने इसकी पुष्टि की है।

Nepal Flood: तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही
तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही
चार जिलों के लिए वाहनों की आवाजाही रोकी

रसुवा में बाढ़ और आगे बढ़ते खतरे को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया है।काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन जिलों की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

दो सैन्य हेलीकॉप्टर रसुवा रवाना

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। नेपाली सेना के प्रवक्ता और ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने इसकी जानकारी दी।भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के सचिवालय ने बताया कि सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत परिचालन के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

पांच जिलों में नदी किनारे अलर्ट

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन से होकर बहने वाली नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से हालात को गंभीरता से लेने और किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।रसुवा में बाढ़ से हुए बड़े नुकसान को लेकर गृह मंत्री सुदन गुरुङ की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक शुरू हो गई है।बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ-साथ खोज और बचाव अभियान तथा राहत कार्यों को लेकर जरूरी फैसले किए जाने की तैयारी है।

गृह मंत्री ने सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने रसुवा में भोटेकोशी नदी में तिब्बत की ओर से आई भीषण बाढ़ के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।गृह मंत्री की ओर से जारी अत्यावश्यक सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों से लेकर मुग्लिन तक का क्षेत्र हाई अलर्ट और हाई रिस्क में है।इसी वजह से रसुवा, धादिङ, गोरखा, चितवन और नुवाकोट जिलों में नदी के किनारे रहने वाले परिवारों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने का अनुरोध किया गया है।

मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि अगर किसी जगह खोज और बचाव की जरूरत हो या किसी तरह की सहायता चाहिए तो लोग तुरंत टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क कर सकते हैं।गृह मंत्री ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिन–नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने की अपील की है। उन्होंने इन मार्गों पर आवागमन पूरी तरह रोकने का भी आग्रह किया है, ताकि बाढ़ और संभावित भूस्खलन जैसे खतरों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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