Empty Stomach Foods: सुबह उठने के बाद कई लोगों को सीने में जलन, खट्टी डकार, गैस या पेट में असहजता जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। कई बार इसकी वजह खाली पेट कुछ ऐसी चीजों का सेवन करना हो सकता है, जो पेट में एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स को बढ़ा देती हैं। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सुबह खाली पेट चाय, कॉफी, खट्टे फल, मसालेदार या ज्यादा फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कुछ लोगों में परेशानी बढ़ा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में इन चीजों का असर एक जैसा नहीं होता।
Empty Stomach Foods: खाली पेट चाय-कॉफी से हो सकती है परेशानी-
कई लोगों की सुबह चाय या कॉफी के साथ शुरू होती है। लेकिन कुछ लोगों में खाली पेट कैफीन का सेवन सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को बढ़ा सकता है। अगर चाय या कॉफी पीने के बाद बार-बार जलन या खट्टी डकार की समस्या होती है, तो इसकी मात्रा कम करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है।
Empty Stomach Foods: हाई फैट फूड्स से बढ़ सकती है एसिडिटी-
खाली पेट ज्यादा फैट वाले खाद्य पदार्थ खाने से कुछ लोगों में पेट की परेशानी, सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं। अगर पहले से अपच या एसिडिटी की समस्या रहती है, तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाई फैट फूड खाने के बाद लक्षण बढ़ते हैं या नहीं। परेशानी बढ़ने पर ऐसे खाद्य पदार्थों की मात्रा कम की जा सकती है।
खट्टे फल और जूस भी कर सकते हैं ट्रिगर-
संतरा, नींबू और अन्य खट्टे फलों या उनके जूस का सेवन खाली पेट करने से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है। इन खाद्य पदार्थों में एसिडिक तत्व होते हैं, जो संवेदनशील लोगों में एसिड रिफ्लक्स या पेट में जलन के लक्षण बढ़ा सकते हैं। खासकर जिन लोगों को पहले से एसिडिटी या रिफ्लक्स की समस्या रहती है, उन्हें अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
मसालेदार और तली-भुनी चीजों से बचें-
सुबह खाली पेट बहुत ज्यादा मसालेदार या तली-भुनी चीजें खाने से पेट में जलन, एसिडिटी और खट्टी डकार जैसी समस्या हो सकती है। बहुत तीखा खाना खाने के बाद कुछ लोगों को पेट में असहजता और जलन महसूस हो सकती है। इसलिए सुबह के समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
सोडा और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से भी सावधानी-
सोडा और अन्य कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का खाली पेट सेवन भी पेट से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है। इससे कुछ लोगों को गैस, ब्लोटिंग, डकार, अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। खासकर अगर आपको पहले से एसिड रिफ्लक्स या पेट की संवेदनशीलता है, तो खाली पेट ऐसी ड्रिंक्स लेने से बचना बेहतर है।
हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं ट्रिगर-
न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के मुताबिक, ऐसा जरूरी नहीं है कि ऊपर बताई गई हर चीज से हर व्यक्ति को जलन या एसिडिटी हो। अलग-अलग लोगों में एसिड रिफ्लक्स के ट्रिगर अलग हो सकते हैं। किसी खास खाने के बाद अगर बार-बार जलन, खट्टी डकार या एसिडिटी की समस्या होती है, तो उस चीज की मात्रा कम करने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने पर ध्यान देना चाहिए।
खाने के समय का भी रखें ध्यान-
एसिड रिफ्लक्स की समस्या में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं है कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि खाना कब खा रहे हैं, यह भी महत्वपूर्ण हो सकता है। रात में भोजन करने के तुरंत बाद लेटने से रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं। National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के अनुसार, रात में रिफ्लक्स के लक्षण रहने वाले लोगों में सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खाने से लक्षणों में सुधार हो सकता है।
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