Home » बिहार » बक्सर के स्कूल में छात्राओं से शर्मनाक हरकत: 2 टीचर्स पर रेप और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप, विभाग ने किया सस्पेंड

बक्सर के स्कूल में छात्राओं से शर्मनाक हरकत: 2 टीचर्स पर रेप और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप, विभाग ने किया सस्पेंड

बक्सर में 2 शिक्षकों पर छात्राओं से बदसलूकी का आरोप

Buxar Teachers Suspended: बक्सर के डुमरांव स्थित एक सरकारी स्कूल के दो शिक्षकों पर छात्राओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि शिक्षकों ने छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाए और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके अलावा ऑडियो के जरिए छात्राओं को धमकाने की बात भी सामने आई है।मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। जिन शिक्षकों पर आरोप लगे हैं, उनमें सहायक शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और शिक्षक अरविंद कुमार शामिल हैं।जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) इंद्रजीत कुमार कर्ण के अनुसार, शुरुआती विभागीय जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल का माहौल खराब करने से जुड़े आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। वहीं, पुलिस की ओर से भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला

DEO के कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, दोनों शिक्षकों पर पिछले कई महीनों से छात्राओं के साथ इस तरह की हरकत करने के आरोप हैं। आरोप है कि छात्राओं के साथ गलत व्यवहार करने के साथ उनके आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए गए।बताया गया है कि जब इनमें से एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तब छात्राओं के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी मिली।इसके बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल में तैनात शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में छात्राओं से छेड़खानी, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने, वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिकायत का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

Buxar Teachers Suspended: नाबालिग छात्रा को होटल ले जाने का आरोप

मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि दोनों में से एक शिक्षक एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल के कमरे में ले गया। आरोप है कि वहां उसने छात्रा के साथ गलत हरकत की।इसके बाद छात्रा से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने की बात सामने आई। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता क्या है, यह पुलिस जांच और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।इस घटना को लेकर इलाके में काफी नाराजगी है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

अलग-अलग आदेश जारी कर दोनों शिक्षक निलंबित

जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के माध्यम से ग्रामीणों का आवेदन जिला शिक्षा विभाग तक पहुंचाया गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की समीक्षा की गई।प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों शिक्षकों के निलंबन का फैसला लिया गया। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के लिए अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए।निलंबन की अवधि में वीरेंद्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, राजपुर और अरविंद कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चक्की निर्धारित किया गया है।

Buxar Teachers Suspended: विभागीय जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर विभागीय जांच कराने की प्रक्रिया में है। जांच के लिए संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग-अलग की जाएगी।जांच के दौरान आरोपों से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अगर आरोप जांच में साबित होते हैं तो सेवा से बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।विभागीय जांच के साथ पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है।

ग्रामीणों की शिकायत पर दर्ज होगी FIR

कृष्णाब्रह्म के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से आवेदन तैयार किया जा रहा है। आवेदन पुलिस को मिलने के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।जांच में वीडियो, ऑडियो और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया जा सकता है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आपत्तिजनक वीडियो किस तरीके से बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर किस तरह फैलाया गया।थानाध्यक्ष चंदन कुमार के मुताबिक, वीडियो के आधार पर छात्रा की पहचान की गई है। अब परिजनों और छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ये भी पढ़ें…बीकानेर कांग्रेस में बवाल के बाद बड़ा एक्शन, जिला अध्यक्ष से कथित मारपीट पर 2 पूर्व पार्षद 6 साल के लिए निलंबित