Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने पर अक्सर पैर के अंगूठे में अचानक तेज दर्द, जोड़ों में सूजन और अकड़न जैसी समस्याएं होने लगती हैं। हालांकि, यूरिक एसिड अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में बनने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है। शरीर जब प्यूरिन नाम के तत्व को तोड़ता है तो यूरिक एसिड बनता है। आमतौर पर किडनी खून से यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में इसका स्तर बढ़ जाता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती, तो परेशानी हो सकती है।यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ डाइट और डेली रूटीन में बदलाव भी मददगार हो सकते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida के मुताबिक, सही लाइफस्टाइल अपनाकर यूरिक एसिड को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
Uric Acid: पर्याप्त पानी पीने की डालें आदत-
यूरिक एसिड को मैनेज करने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से किडनी को यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसलिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें और लंबे समय तक खुद को डिहाइड्रेट न होने दें। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है। अगर आपको किडनी, हार्ट या किसी अन्य बीमारी की वजह से तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी गई है, तो पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें।
Uric Acid: हाई-प्यूरिन वाले खाने का सेवन करें सीमित-
यूरिक एसिड बढ़ने पर कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना फायदेमंद हो सकता है जिनमें प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है। ऑर्गन मीट जैसे कलेजी, कुछ मीट और कुछ सीफूड इसके प्रमुख उदाहरण हैं। वहीं, दालों और सब्जियों को बिना वजह पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। कई पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में प्यूरिन होने के बावजूद उनका असर मीट और सीफूड जैसा नहीं होता। इसलिए अपनी डाइट में बदलाव डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से करना बेहतर है।
शुगर और मीठे ड्रिंक्स से बनाएं दूरी-
सिर्फ प्यूरिन ही नहीं, ज्यादा फ्रुक्टोज का सेवन भी यूरिक एसिड बढ़ने से जुड़ा हुआ है। पैक्ड फ्रूट जूस, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन कम करना बेहतर है। बिस्कुट, केक और पेस्ट्री जैसे ज्यादा चीनी वाले प्रोसेस्ड फूड की जगह ताजे फल और संतुलित भोजन को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
विटामिन C वाले फलों को डाइट में करें शामिल-
आंवला, संतरा, मौसमी, अमरूद और नींबू जैसे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।हालांकि, सिर्फ नींबू पानी पीने से यूरिक एसिड तुरंत कम होने की गारंटी नहीं है। इसे किसी इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
शराब का सेवन यूरिक एसिड में बढ़ा सकता है परेशानी-
यूरिक एसिड बढ़ने की स्थिति में शराब का सेवन कम करना या उससे बचना फायदेमंद हो सकता है। खासतौर पर बीयर और कुछ अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स यूरिक एसिड के स्तर और गाउट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसलिए अगर आपको बार-बार यूरिक एसिड या गाउट की समस्या होती है तो शराब से दूरी बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
वजन को धीरे-धीरे करें कंट्रोल-
अगर वजन ज्यादा है तो धीरे-धीरे वजन कम करना यूरिक एसिड को मैनेज करने में मदद कर सकता है। इसके लिए रोजाना पैदल चलना, साइकिल चलाना या योग जैसी शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, वजन कम करने के लिए क्रैश डाइटिंग या लंबे समय तक भूखे रहने से बचें। बहुत तेजी से वजन घटाने या लंबे समय तक उपवास करने से कुछ परिस्थितियों में यूरिक एसिड अस्थायी रूप से बढ़ सकता है।
फाइबर से भरपूर चीजों को दें डाइट में जगह-
ओट्स, दलिया, सब्जियां, खीरा और गाजर जैसे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनसे वजन और ओवर-ऑल मेटाबॉलिक हेल्थ को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि फाइबर सीधे खून से यूरिक एसिड को सोखकर बाहर निकाल देता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में पूरी डाइट और लाइफस्टाइल का योगदान महत्वपूर्ण है।
यूरिक एसिड बढ़ा है तो इन बातों का रखें ध्यान-
यूरिक एसिड की समस्या होने पर अचानक बहुत लंबा उपवास करने से बचें और रात का खाना हल्का रखने की कोशिश करें। सोने से करीब 2 से 3 घंटे पहले खाना खत्म करना भी एक अच्छी आदत हो सकती है। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर यूरिक एसिड की जांच करवाते रहें। अगर पैर के अंगूठे या किसी जोड़ में अचानक तेज दर्द, लालिमा और सूजन हो तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
सिर्फ डाइट पर निर्भर न रहें-
यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे खान-पान के अलावा वजन, किडनी की कार्यप्रणाली, जेनेटिक्स और कुछ दवाओं समेत कई कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना सही नहीं है। अगर यूरिक एसिड लगातार बढ़ा हुआ है या गाउट के अटैक बार-बार हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच और उचित इलाज कराना जरूरी है। लाइफस्टाइल में बदलाव दवाइयों के साथ मददगार हो सकते हैं, लेकिन डॉक्टर द्वारा दी गई दवा को अपनी मर्जी से बंद नहीं करना चाहिए।
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