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‘बिट्टू तबाही’ की अनोखी पहल, BSc छात्र ने अकेले चमकाई MP की अजनार नदी

MP News:
Jagram.com

MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां 21 वर्षीय बीएससी छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, ने प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का बीड़ा उठाया।

MP News: अकेले उठाया नदी की सफाई का बीड़ा-

बिट्टू ने इस मुहिम की शुरुआत इसी साल 26 जनवरी से की थी। शुरुआत में उन्होंने लगभग अकेले ही नदी से कचरा और मलबा हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नदी की सफाई के दौरान उनका सामना सांपों से भी हुआ। वहीं, स्थानीय मंदिर के पास सफाई करते समय उनके अंगों में संक्रमण भी हो गया। इसके बावजूद उन्होंने सफाई अभियान जारी रखा और अपने कदम पीछे नहीं खींचे।

MP News: सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें-

बिट्टू ने सफाई अभियान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। इन तस्वीरों में नदी की सफाई से पहले और बाद की स्थिति साफ दिखाई दे रही थी। ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से उनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की बिट्टू से मुलाकात-

बिट्टू की मुहिम की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक भी पहुंची। इसके बाद सीएम ने उनसे मुलाकात की और उनके काम की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिट्टू ने सिर्फ एक नदी की सफाई नहीं की, बल्कि समाज को यह संदेश दिया है कि बड़े बदलाव के लिए हमेशा बड़ी भीड़ की जरूरत नहीं होती। एक व्यक्ति की सच्ची पहल भी बदलाव की शुरुआत कर सकती है। सीएम ने मध्य प्रदेश सरकार के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, उनका पुनर्जीवन और इसमें आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

अब प्रशासन और स्थानीय लोग भी आए आगे-

बिट्टू की मेहनत को देखते हुए ब्यावरा नगर पालिका भी सफाई अभियान में उनके साथ आ गई। नगर पालिका के सब-इंजीनियर रूपेश कुमार नेताम ने बताया कि पालिका अभियान में पूरा सहयोग कर रही है। नदी से कचरा और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने पुराने कचरे, मलबे और पॉलीथिन को हटाने के लिए पोक्लेन मशीन भी तैनात की। बिट्टू की पहल से प्रेरित होकर स्थानीय नागरिक भी इस अभियान से जुड़ने लगे। अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के पानी ने भी नदी की सफाई में काफी मदद की। सोशल मीडिया पर शेयर की गई नदी की ‘पहले और बाद’ की तस्वीरों को अधिकारियों ने वास्तविक बताया है।

गंदे पानी को रोकना सबसे बड़ी चुनौती-

नदी की सफाई के बाद भी इसके सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, नदी के प्रदूषण की मुख्य वजह इसमें गिरने वाला गंदा पानी है। ब्यावरा में कुल पांच बड़े नाले सीधे नदी में गंदा पानी गिराते हैं।

14.77 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा STP-

गंदे पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका ने करीब 14.77 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, STP बनने के बाद नालों का गंदा पानी नदी में जाने से रोका जा सकेगा। इससे अजनार नदी के प्रदूषण की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने में मदद मिलेगी।

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