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20 रुपये सस्ती शराब के पीछे छिपा था मौत का खतरा! सागर में जहरीली शराब पीने से 19 की मौत, 112 का इलाज जारी

सागर शराब कांड: 19 मौतें, 10 आरोपी गिरफ्तार

Sagar Fake Liquor Tragedy: सागर में जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। सोमवार सुबह तीन और लोगों की मौत हो गई। धुरमार गांव के रहने वाले 55 वर्षीय महेश रावत ने बंडा अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं छापरी गांव की 50 वर्षीय श्याम बाई अहिरवार की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। पापेट गांव के रहने वाले कृष्ण कुमार लोधी ने मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली।

Sagar Fake Liquor Tragedy: पिता-पुत्र की भी गई जान

इससे पहले रविवार रात एयरलिफ्ट करके भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की मौत हो गई थी। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हो चुकी थी। वहीं राम प्रसाद के छोटे भाई भूरे लोधी का इलाज बीएमसी में चल रहा है। बमूरा भेड़ा गांव में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है।फिलहाल इस मामले में 112 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। पुलिस ने 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस उनसे शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

परिजनों ने बताया- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत

महेश रावत के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि उनके चाचा ने रविवार शाम शराब पी थी। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत खराब होने लगी।श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार के मुताबिक, परिवार के लोग मामा के घर गमी में गए हुए थे और उनकी मां घर पर अकेली थीं। उन्होंने गांव में किसी व्यक्ति से शराब मंगवाई और उसे पी लिया। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। सुबह परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Sagar Fake Liquor Tragedy: मेथेनॉल वाली शराब से सागर में 19 मौतें
मेथेनॉल वाली शराब से सागर में 19 मौतें
Sagar Fake Liquor Tragedy: राजेंद्र ने शराब को लेकर जताया था शक

बंडा थाने में दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उनके गांव में करीब आठ लोग कथित तौर पर अवैध शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।अनूप के मुताबिक, जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने कुछ लोगों के जरिए नया और सस्ता शराब का ब्रांड भेजा है। इसमें आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के नाम बताए गए।

बताया गया कि शराब को उनकी गाड़ी से भेजा गया था और यह दुकान पर मिलने वाली शराब से 20 रुपये सस्ती थी। अनूप ने कहा कि उसे उस दिन शराब नहीं पीनी थी। इसी दौरान राजेंद्र ने जुझार से पूछा कि कहीं यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है।

70 रुपये में खरीदा था क्वार्टर

जुझार लोधी ने कथित तौर पर कहा कि शराब का ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब बनाने के फॉर्मूले से तैयार किया है। उसने यह भी बताया कि यह बाजार की शराब से 20 रुपये सस्ती है।इसके बाद राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपये में देशी शराब का एक क्वार्टर खरीदा और उसे पी लिया। रात में घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पहले बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई।इसके अलावा करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने के बाद मौत होने की बात सामने आई है।

कई लोगों के खिलाफ एफआईआर

पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।इसके अलावा लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

ततरवारा से शराब सप्लाई का दावा

नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में काफी समय से अवैध शराब बनाने का काम चल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यहीं से आसपास के कई गांवों में शराब पहुंचाई जाती है।ग्रामीणों के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार में कुछ प्रभावशाली और आपराधिक छवि वाले लोग भी शामिल हैं। उनके डर के कारण ग्रामीण खुलकर किसी का नाम लेने से बचते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस ततरवारा गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से बचती है।

Sagar Fake Liquor Tragedy: 10 आरोपी गिरफ्तार

एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थानों में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनसे शराब की खरीद, बिक्री और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग जगहों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

शराब में मिला मेथेनॉल

जांच में जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच के अनुसार, शराब बाहर तैयार होने के बाद यहां सप्लाई की गई थी। इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

जहरीली शराब कांड में 19 मौतें, 112 भर्ती
जहरीली शराब कांड में 19 मौतें, 112 भर्ती
मेथेनॉल बेहद जहरीला अल्कोहल

मेथेनॉल एक जहरीला अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पीने वाली शराब में नहीं किया जाता। इसका उपयोग औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ रसायनों को तैयार करने में।वहीं एथेनॉल वह अल्कोहल है जिसका इस्तेमाल पीने वाली शराब में किया जाता है। मेथेनॉल शरीर के अंदर जाने पर गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकता है।

इसके संपर्क में आने से दृष्टि धुंधली हो सकती है, आंखों की रोशनी जा सकती है, उल्टी, पेट दर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। नकली या अवैध शराब में मेथेनॉल की मिलावट इसलिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसकी थोड़ी मात्रा भी शरीर के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है।

Sagar Fake Liquor Tragedy: शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़े तो क्या करें?

1. तुरंत अस्पताल पहुंचें:
शराब पीने के बाद तबीयत खराब होने लगे तो इसे सामान्य समस्या समझकर इंतजार न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल या इमरजेंसी विभाग में जाएं।

2. डॉक्टर को पूरी जानकारी दें:
डॉक्टर को बताएं कि शराब कब पी थी, कितनी मात्रा में पी थी और किस तरह की शराब का सेवन किया था। इससे इलाज में मदद मिल सकती है।

3. खुद से उल्टी न कराएं:
बिना डॉक्टर की सलाह के उल्टी कराने की कोशिश न करें। किसी तरह के घरेलू नुस्खे भी न आजमाएं।

4. गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
बेहोशी, बहुत ज्यादा नींद आना, भ्रम की स्थिति, सांस लेने में परेशानी, दौरे, धुंधला दिखाई देना या लगातार उल्टी होना गंभीर लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लें।

5. मरीज को अकेला न छोड़ें:
बीमार व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। अगर व्यक्ति बेहोश है लेकिन सांस ले रहा है, तो उसे करवट के बल लिटाएं और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

6. शराब की बोतल या पैकेट सुरक्षित रखें:
जिस शराब को पीने के बाद तबीयत खराब होने का शक है, उसकी बोतल या पैकेट उपलब्ध हो तो उसे अस्पताल या जांच टीम को सौंपें।

7. लक्षण आने का इंतजार न करें:
अगर किसी व्यक्ति को जहरीली शराब पीने का संदेह है, तो लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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