भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए महाराष्ट्र सरकार की बड़ी पहल, हाईलेवल टास्क फोर्स करेगी राज्यव्यापी दौरा

Maharashtra Recruitment Exams:

Maharashtra Recruitment Exams: महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए हाईलेवल टास्क फोर्स का गठन किया है। 4 सितंबर 2026 को जारी शासन निर्णय के तहत बनाई गई यह टीम राज्य के छह विभागों का दौरा कर मौजूदा भर्ती परीक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगी। टास्क फोर्स परीक्षा … Read more

6 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, क्या नंदीग्राम से फिर मैदान में उतरेंगी ममता बनर्जी?

Nandigram Bypoll:

Nandigram Bypoll: चुनाव आयोग ने देश की छह खाली सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु की मदुरंतकम (SC) और धारापुरम (SC), पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी और असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा। इन सभी … Read more

ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू का बढ़ता कहर, 24 घंटे में 29 नए केस

Greater Noida Swine Flu:

Greater Noida Swine Flu: ग्रेटर नोएडा में एच1एन1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सोमवार शाम ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 50 वर्षीय महिला की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राइवेट लैब की जांच में महिला के एच1एन1 संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।चिकित्सकों की टीम महिला की हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंगलवार को उनकी अस्थमा, एलएफटी, केएफटी समेत कई जरूरी जांच की जानी हैं।

Greater Noida Swine Flu: 24 घंटे में मिले 29 नए मरीज-

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में स्वाइन फ्लू के 29 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में एच1एन1 संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 288 हो गई है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित मरीजों की निगरानी कर रही हैं और उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Greater Noida Swine Flu: कई दिनों से बुखार और खांसी से परेशान थी महिला-

जानकारी के मुताबिक, महिला पिछले कई दिनों से बुखार और खांसी से परेशान थीं। जरूरी दवाएं लेने के बावजूद जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उनके बेटे ने नजदीकी प्राइवेट लैब में इन्फ्लुएंजा ए और एच1एन1 की जांच कराई। लैब रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद परिवार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए।

हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर-

सोमवार शाम महिला की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें पहले एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इमरजेंसी में महिला के बेटे ने डॉक्टरों को प्राइवेट लैब की रिपोर्ट दिखाई। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ अलर्ट हो गया और महिला को आईसीयू में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की पुष्टि-

जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज भर्ती होने की सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सर्विलांस अधिकारी को दी गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और मरीज की रिपोर्ट की जांच कर संक्रमण की पुष्टि की। सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के मुताबिक, जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 288 मामले सामने आ चुके हैं।

81 मरीज अभी एक्टिव-

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामने आए मामलों में 29 ग्रामीण क्षेत्र और 259 अन्य क्षेत्र से हैं। वर्तमान में कुल 81 एक्टिव केस हैं, जबकि 260 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें नए मामलों को लेकर लगातार निगरानी कर रही हैं।

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Mirzapur The Movie ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, 4 दिनों में 100 करोड़ के पार

Mirzapur Box Office:

Mirzapur Box Office: ओटीटी की पॉपुलर सीरीज ‘मिर्जापुर’ को फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर लाने का फैसला शुरुआत में कई लोगों को जोखिम भरा लगा था। दर्शकों के मन में भी सवाल था कि क्या ‘मिर्जापुर’ फिल्म के तौर पर सिनेमाघरों में वही असर छोड़ पाएगी? लेकिन रिलीज के बाद फिल्म ने इन सभी सवालों का जवाब अपनी कमाई से दे दिया है। ‘Mirzapur: The Movie’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की और महज चार दिनों में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया।

Mirzapur Box Office: पहले दिन ही दिखा जबरदस्त क्रेज-

फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखते हुए पहले ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि यह बॉक्स ऑफिस पर डबल डिजिट में ओपनिंग कर सकती है। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 25.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और इसने 32 करोड़ रुपये बटोरे। तीसरे दिन वीकेंड का फायदा फिल्म को मिला और इसकी कमाई बढ़कर 36 करोड़ रुपये पहुंच गई।

Mirzapur Box Office: चौथे दिन भी जारी रही कमाई-

अब फिल्म के चौथे दिन के शुरुआती कलेक्शन के आंकड़े सामने आ गए हैं। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने चौथे दिन अब तक 9.74 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। इन आंकड़ों के मुताबिक फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 103.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 123.8 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

4 दिनों में बजट से आगे निकली फिल्म-

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘मिर्जापुर द मूवी’ का बजट करीब 90 से 100 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है। ऐसे में फिल्म ने चार दिनों में ही अपने अनुमानित बजट के बराबर कमाई कर ली है। अब वीकडेज में फिल्म की कमाई में थोड़ी गिरावट आती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। अगर फिल्म की पकड़ सिनेमाघरों में बनी रहती है तो आने वाले वीकेंड में इसकी कमाई में एक बार फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

पुराने किरदारों की हुई वापसी-

‘मिर्जापुर द मूवी’ में सीरीज के कई पुराने और लोकप्रिय किरदारों को दोबारा पर्दे पर देखा गया है। पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के किरदार में नजर आए हैं। वहीं अली फजल ने गुड्डू पंडित और दिव्येंदु शर्मा ने मुन्ना त्रिपाठी के रूप में वापसी की है। इसके अलावा श्वेता त्रिपाठी और रसिका दुग्गल भी अपने पुराने किरदारों में दिखाई दी हैं।

इन कलाकारों ने भी निभाए अहम किरदार-

फिल्म में हर्षिता गौर ने डिंपी, श्रिया पिलगांवकर ने स्वीटी और अभिषेक बनर्जी ने कंपाउंडर का किरदार निभाया है। इसके अलावा जितेंद्र कुमार भी फिल्म में अहम भूमिका में नजर आए हैं। चार दिनों की कमाई को देखते हुए ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। अब नजर इस बात पर होगी कि फिल्म आने वाले दिनों में कितनी बड़ी कमाई तक पहुंचती है।

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Durga Ad Controversy:

Durga Ad Controversy: बंगाल सरकार के एक सरकारी विज्ञापन को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अखबार में प्रकाशित इस विज्ञापन में मां दुर्गा को पारंपरिक दस भुजाओं के बजाय ग्यारह भुजाओं यानी ‘एकादशभुजा’ के रूप में दिखाया गया है। इसको लेकर तृणमूल कांग्रेस और माकपा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

Durga Ad Controversy: विज्ञापन में मां दुर्गा की ‘एकादशभुजा’ पर विवाद-

विवादित विज्ञापन कोलकाता में विभिन्न दुर्गा पूजा कमेटियों के साथ सोमवार को हुई समन्वय बैठक से जुड़ा था। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की। इस बैठक का आयोजन कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम ने राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सहयोग से किया था। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी प्रकाशित की गई थीं। विज्ञापन में मां दुर्गा के स्वरूप को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि देवी दुर्गा को पारंपरिक दस भुजाओं के बजाय ग्यारह भुजाओं के साथ दिखाया गया है।

Durga Ad Controversy: भाजपा ने बताया तकनीकी त्रुटि-

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने इस पूरे विवाद को विज्ञापन एजेंसी की तकनीकी त्रुटि बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और गलती को संशोधित किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले पर राज्य प्रशासन या सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।

विज्ञापन में पीएम मोदी की तस्वीर भी-

सरकारी विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी प्रकाशित की गई थी। इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि साल 2026 में मां दुर्गा किस शास्त्र के तहत ‘दशभुजा’ से ‘एकादशभुजा’ हो गईं।

मां दुर्गा के स्वरूप को लेकर माकपा का हमला-

माकपा नेता शतरूप घोष ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बंगालियों पर मांसाहार प्रतिबंध थोपने वालों से निपटने के लिए ही सरकार ने मां दुर्गा को एक अतिरिक्त हाथ दे दिया है। वहीं, भाजपा का कहना है कि यह केवल तकनीकी गलती है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। अब इस विवाद पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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Satya Niketan Building Collapse:

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक पल में सब कुछ बदल गया। पांच मंजिला पीजी इमारत भरभराकर गिरी तो धूल के गुबार में कई जिंदगियां दब गईं। हादसे के बाद सामने आए वीडियो इस मंजर की भयावहता बयां करते हैं, कहीं मलबे के नीचे से मदद की पुकार, तो कहीं एक महिला की कांपती आवाज में निकलता है, “ओह गॉड… कितने सारे बच्चे।” मलबे में फंसे एक छात्र ने महज कुछ सेकंड का वीडियो बनाकर मदद मांगी; चेहरे पर खून, चारों तरफ मलबा और फिर भी बचने की उम्मीद। कुछ ही देर पहले जहां छात्रों की आवाजाही और जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां अब मलबा, सन्नाटा और अपनों को तलाशती आंखें थीं। दिल्ली का नाता मानो इन हादसों से बहुत पुराना रहा है जो लापरवाही के चलते समय समय पर सामने आते रहते है।

Satya Niketan Building Collapse: रेखा सरकार को कैसे भुलाया जाए-

इस पूरी कहानी को बिना रेखा सरकार को भूले नहीं लिखा जा सकता है साथ ही इस मौके पर एमसीडी में कुर्सी तोड़ रहे या केवल खाना पूर्ति कर रहे अधिकारियों को भी जगाना आवश्यक सा लगता है। दक्षिण दिल्ली में स्थित कटवारिया सराय, बैर सराय, लाडो सराय, मुनिरका आदि भी किसी दिन सत्या निकेतन के हादसे का स्पॉट प्वाइंट बन जाए तो चौंकिएगा मत क्योंकि ये रेखा सरकार का कालखंड है। यहां प्रशासनिक पदों पर बैठे हुक्मरानों को जगाने के लिए न कोई अलार्म सेट है ना ही कुछ और।

सत्ता में मशगूल हुई रेखा सरकार ने अपने एक साल से ज्यादा पूरे कर लिए लेकिन शायद सत्ता की मलाई का आनंद लेते। अभी मई सैदुलाजाब में हुई इमारत गिरने की घटना से 06 लोगों की मौत के ज़ख्म भरे ही नहीं थे की रेखा सरकार के कार्यकाल में अब 04 महीने बाद ही लोगों के कानों में ये दूसरी चीख सुनाई दे गई है। दिल्ली इन हादसों से कोई अछूती नहीं रही है ओल्ड राजिंदर नगर में भी आज से दो साल पहले बेसमेंट में पानी घुसने से 03 छात्रों ने अपनी जान गवाई थी।

अब सवाल उठता है कब जागेगी रेखा सरकार?
कब लापरवाही की मिलेगी सजा?
उन मासूमों को क्या दोष जो दिल्ली में पढ़ने तो आए लेकिन मलबे में हमेशा के लिए दफन हो गए?

सवाल कई है लेकिन उत्तर है सिर्फ मौन.

Satya Niketan Building Collapse: मालिक को बस किराये से मतलब, देखने तक नहीं आते-
Satya Niketan Building Collapse:
[Outlook]
हमारी तफ्तीश में हुए बड़े खुलासे-

दरअसल सत्य निकेतन की संकरी गलियों में बड़ी संख्या में हॉस्टल, पीजी और खाने-पीने की दुकानें हैं। गलियां तंग होने के कारण बचाव दल के उपकरणों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। मलबे में फंसे कई छात्र फोन कर लोगों से मदद और जान बचाने की गुहार लगाते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही तेज कंपन महसूस हुआ। लोग घरों से बाहर निकले तो ‘हॉस्टल डेज’ पीजी की जगह मलबे का ढेर नजर आया। स्थानीय लोग अपने हाथों और जो भी औजार उपलब्ध थे, उनकी मदद से मलबा हटाने में जुट गए। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, रविवार होने के कारण कई छात्र पीजी में ही मौजूद थे।

करीब 20 साल से इलाके में रह रहीं प्रियंका ने बताया कि यहां कई पुराने मकानों को 5-6 मंजिला इमारतों में तब्दील कर लड़कों के पीजी में बदल दिया गया है। मकान मालिक खुद कहीं और रहते हैं, किराया ऑनलाइन वसूलते हैं और इमारतों की देखरेख पर ध्यान नहीं देते। जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें भी लंबे समय से रखरखाव नहीं कराया गया था।

दिल्ली हाईकोट ने दिल्ली सरकार और एमसीडी को भेजा नोटिस-

सत्य निकेतन इमारत हादसे पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए MCD और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। अदालत ने अधिकारियों को बचाव अभियान तेज करने और राहत कार्यों में पूरी ताकत लगाने के निर्देश दिए, ताकि मलबे में फंसे लोगों की जान बचाई जा सके।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि करीब 50 छात्रों की जिंदगी दांव पर है और कुछ अब भी मलबे में फंसे हैं। अदालत ने सख्त सवाल करते हुए पूछा कि “ऐसे हादसों को रोकने के लिए आप क्या कर रहे हैं?” साथ ही दिल्ली सरकार से कहा, “आप अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते।”

एमसीडी कमिश्नर ने स्वीकारी लापरवाही-

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि गिरी हुई इमारत से सटी दूसरी बिल्डिंग भी कमजोर हो गई है, जिसे रातभर मजबूत करने का काम किया गया। अब अगले एक-दो दिनों में उसे नियोजित तरीके से गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर ने बताया कि अगस्त में इसी इलाके की 3-4 इमारतों को गिराने के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि जर्जर इमारतों की पहचान करने की प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहती है। पिछले तीन महीनों में 960 इमारतें गिराई गईं, 407 को सील किया गया, जबकि करीब 1,500 इमारतों को सील करने या गिराने के लिए नोटिस जारी किए गए। संजीव खिरवार ने कहा कि 1970 के दशक में बनी हादसे वाली इमारत को पहले कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया था और न ही उसे सील किया गया। उनके मुताबिक, इस बिल्डिंग को लेकर MCD के पास पहले से कोई शिकायत भी दर्ज नहीं थी।

इसके पहले भी कई घटनाओं के निर्दोष लोग हुए शिकार-

दिल्ली में हादसे होते रहे, जानें जाती रहीं और हर बार जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया गया। 2010 में ललिता पार्क में इमारत गिरने से 70 लोगों की मौत हुई। 2019 के अनाज मंडी अग्निकांड में 44 जिंदगियां चली गईं। मई 2024 में विवेक विहार के बेबी केयर अस्पताल की आग ने छह नवजातों को निगल लिया। जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में तीन UPSC अभ्यर्थियों की मौत हुई।

इमारतों की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2024 में 464 और 2025 में 544 इमारत गिरने की घटनाएं दर्ज हुईं। सवाल अब भी वही है,हर हादसे के बाद जागने वाला प्रशासन, हादसा होने से पहले क्यों नहीं जागता?

खबर इंडिया करता है सावधान-

दिल्ली सरकार और प्रशासन को खबर इंडिया सावधान करता है आपको स्टूडेंट की चिंता करनी चाहिए।

कई रुपए आपने विज्ञापनों में खर्च किए, दिल्ली को स्मार्ट सिटी बनाने की पोल अब खुलने लगी है।

राजधानी में देशभर से हजारों छात्र पढ़ने और अपना भविष्य बनाने आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

सत्य निकेतन जैसे इलाकों में जर्जर इमारतों, अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती? हादसे के बाद नोटिस, जांच और कार्रवाई की बजाय हादसा होने से पहले निगरानी और रोकथाम क्यों नहीं? रेखा सरकार को अब सिर्फ जवाब नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करनी होगी।

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 Moscow Indian Engineer Arrest:

Moscow Indian Engineer Arrest: मॉस्को में रहने वाली एक भारतीय महिला का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उसके पति की हिरासत का मामला चर्चा में आ गया है। स्नेहा गुप्ता ने वीडियो जारी कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति चंदन गुप्ता को रूसी पुलिस ने हिरासत में लिया है और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए प्रयास कर रहा है।

Moscow Indian Engineer Arrest: पत्नी ने वीडियो जारी कर मांगी मदद-

स्नेहा गुप्ता ने अपने वीडियो में बताया कि उनके पति चंदन गुप्ता कानपुर के रहने वाले इंजीनियर हैं। उनका परिवार मॉस्को में रहता है और चंदन ‘हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट’ वीजा पर रूस में काम कर रहे हैं। यह वीजा नोएडा स्थित उनकी कंपनी ने दिलवाया था। स्नेहा का कहना है कि रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे रूसी पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल में रखा गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पति ने कोई गलत काम नहीं किया है।

Moscow Indian Engineer Arrest: रूसी सेना में भर्ती के दबाव का लगाया आरोप-

महिला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके पति पर यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूसी सेना में सैनिकों की कमी के कारण विदेशी नागरिकों को सेना में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय दूतावास और रूसी अधिकारियों की ओर से सेना में भर्ती के दबाव वाले दावे पर कोई स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है।

जांच में सामने आई अलग वजह-

सरकारी सूत्रों के अनुसार, चंदन गुप्ता को 5 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे मॉस्को के रेड स्क्वायर इलाके से उनके दोस्त आशीष के साथ हिरासत में लिया गया था। सूत्रों ने बताया कि दोनों पर कथित तौर पर नशे में होने और पास खड़ी एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने का आरोप है। फिलहाल चंदन को मॉस्को के बाउमानस्काया पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखे जाने की जानकारी है। भारतीय दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के सामने मामला उठाया है। दूतावास ने चंदन की रिहाई के साथ ही उन्हें कांसुलर एक्सेस देने की भी मांग की है।

बेटे का हवाला देकर CM योगी से की अपील-

स्नेहा गुप्ता ने अपनी भावुक अपील में बताया कि उनका 10 साल का बेटा है और पति की हिरासत के बाद पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पति की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई।

रूस में भारतीयों की भर्ती को लेकर पहले से चिंता-

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारतीय नागरिकों को नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाने और बाद में रूसी सेना में भर्ती किए जाने को लेकर चिंता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में 227 भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में भर्ती होने की जानकारी दी गई थी। इनमें से 139 लोगों को सेवा से मुक्त कराया जा चुका है, जबकि 51 भारतीयों की मौत होने की जानकारी मंत्रालय ने दी थी। भारत सरकार बाकी नागरिकों की जल्द रिहाई और स्वदेश वापसी के लिए रूसी पक्ष के संपर्क में है।फिलहाल चंदन गुप्ता के मामले में रूसी सेना में भर्ती के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप जांच और आधिकारिक पुष्टि का विषय है। वहीं, भारतीय दूतावास उनकी स्थिति को लेकर स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

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Baghpat Canter Accident:

Baghpat Canter Accident: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरा कैंटर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गया। हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। कैंटर में … Read more

पुणे में MPSC के खिलाफ छात्रों का आक्रोश, हजारों युवाओं ने निकाला मोर्चा

MPSC Protest in Pune:

MPSC Protest in Pune: महाराष्ट्र के पुणे में सोमवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSTDC) के खिलाफ हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थी सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आक्रोश मोर्चा निकाला। यह मार्च ओंकारेश्वर चौक से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन के … Read more

उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार

North India Rain Alert:

North India Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने … Read more