CNG Car: भारत में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती लागत के बीच इलेक्ट्रिक (EV), CNG और हाइब्रिड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगस्त 2026 में पहली बार देश के पैसेंजर व्हीकल बाजार में CNG, हाइब्रिड और EV जैसी वैकल्पिक ईंधन वाली कारों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.95% पहुंच गई, जो पेट्रोल कारों की 40.85% हिस्सेदारी से ज्यादा रही। ऐसे में सवाल है कि रोजाना इस्तेमाल के लिए EV और CNG में से कौन-सी कार ज्यादा किफायती है? इसका जवाब आपकी ड्राइविंग, चार्जिंग सुविधा और कार रखने की अवधि पर निर्भर करता है।
EV की रनिंग कॉस्ट CNG से कितनी कम?
MG Motor India के मुताबिक, घर पर चार्ज होने वाली EV की रनिंग कॉस्ट करीब ₹1-2.5 प्रति किलोमीटर हो सकती है। पब्लिक चार्जिंग पर यह खर्च बढ़कर करीब ₹3.5-7 प्रति किलोमीटर हो सकता है। वहीं CNG कार की रनिंग कॉस्ट आमतौर पर ₹2.5-4.5 प्रति किलोमीटर के आसपास रहती है। हालांकि, वास्तविक खर्च बिजली की दर, CNG कीमत, माइलेज, ड्राइविंग स्टाइल और कार के मॉडल के हिसाब से बदल सकता है। घर पर चार्जिंग उपलब्ध होने पर EV का आर्थिक फायदा ज्यादा बढ़ जाता है।
CNG Car: BaaS से EV की शुरुआती कीमत घटती है
Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल के जरिए कुछ EV की शुरुआती खरीद कीमत काफी कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, Tata Punch EV की करीब ₹9.7 लाख की कीमत BaaS विकल्प में लगभग ₹6.5 लाख से शुरू हो सकती है। इसी तरह Maruti e Vitara की शुरुआती लागत भी BaaS के साथ करीब ₹5-6 लाख तक कम हो सकती है। हालांकि, इसके बदले बैटरी का किराया देना पड़ता है, जो करीब ₹3-4 प्रति किलोमीटर हो सकता है। साथ ही न्यूनतम मासिक किलोमीटर या रेंटल की शर्तें लागू हो सकती हैं।
कार नहीं चलाने पर भी देना पड़ सकता है BaaS शुल्क
BaaS मॉडल में कम ड्राइविंग करने पर भी न्यूनतम शुल्क देना पड़ सकता है। कुछ योजनाओं में न्यूनतम मासिक उपयोग तय होता है। उदाहरण के तौर पर, अलग-अलग योजनाओं में Citroën के लिए 2,000 किमी, Maruti e Vitara के लिए 1,800 किमी और MG के लिए 1,500 किमी तक का न्यूनतम चार्ज बताया गया है। वास्तविक शर्तें मॉडल और फाइनेंस पार्टनर के अनुसार अलग हो सकती हैं।
CNG Car: EV या CNG: किसके लिए कौन बेहतर?
EV उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है, जिसके घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा है, रोजाना ड्राइविंग तय है और ज्यादातर सफर शहर में होता है। EV में इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग और क्लच जैसे कई पारंपरिक पार्ट्स नहीं होते, जिससे सामान्य मेंटेनेंस कम हो सकता है। वहीं CNG उन खरीदारों के लिए ज्यादा व्यावहारिक हो सकती है, जिसके पास चार्जिंग की सुविधा नहीं है, आसपास CNG स्टेशन आसानी से उपलब्ध हैं या लंबी दूरी की ड्राइव ज्यादा होती है। इसलिए फैसला सिर्फ रनिंग कॉस्ट देखकर नहीं, बल्कि चार्जिंग सुविधा, रोजाना किलोमीटर और कार कितने साल रखनी है—इन तीनों बातों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
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