Home » राजनीति » दिग्विजय सिंह की गैर-राजनीतिक यात्रा के राजनीतिक संदेश, आखिर क्या चाहती है कांग्रेस?

दिग्विजय सिंह की गैर-राजनीतिक यात्रा के राजनीतिक संदेश, आखिर क्या चाहती है कांग्रेस?

Politics: दिग्विजय सिंह की गैर-राजनीतिक यात्रा के राजनीतिक संदेश, आखिर क्या चाहती है कांग्रेस?
Politics: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आगामी 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरु करने जा रहे हैं। हालांकि कहने को तो दिग्विजय सिंह यह कह रहे हैं कि उनकी यात्रा बिल्कुल गैर-रजनीतिक है, लेकिन इसमें कांग्रेस की भावी रणनीति की झलक दिखाई दे रही है। 

हिंदुत्व विरोधी होने के आरोप

दरअसल, राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस पर हिंदुत्व विरोधी होने के आरोप लगते रहे हैं। उसे लगातार कटघरे में खड़ा किया जाता रहा है कि मुस्लिमों के तुष्टिकरण के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है।खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस ने  समय-समय पर मुस्लिम तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा दिया है। हालांकि कांग्रेस इन आरोपों का खंडन करती रही है, लेकिन कुछ ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम हैं, जिन्हें मुद्दा बनाकर उस पर हमले होते रहे हैं। 
 

Politics: मनमोहन सिंह का बयान

कांग्रेस के विरोधी स्वर्गीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के उस बयान की बराबर याद दिलाते हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के विकास के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है।यह बयान उन्होंने वर्ष 2006 में प्रधानमंत्री रहते हुए राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की बैठक में दिया था।

Politics: वक्फ अधिनियम में संशोधन

आरोप लगाए जाते रहे हैं कि वर्ष 2013 में कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग (UPA) सरकार के दौरान मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए वक्फ अधिनियम में कई संशोधन किए गए थे।

Politics: शाह बानो केस

याद दिलाया जाता है कि वर्ष 1985 में सर्वोच्च न्यायालय ने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिला को भरण-पोषण देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, लेकिन राजीव गांधी सरकार ने राजनीति में तुष्टिकरण के लिए संसद में कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले को निष्प्रभावी कर दिया था।

Politics: आरक्षण का मुद्दा

आरोप लगाया जाता है कि वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस पार्टी की ओर से अल्पसंख्यकों के लिए 9 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था। 

Politics: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम

कांग्रेस पर आरोप लगाये जाते रहे हैं कि वह देश की आजादी से पहले भी तुष्टिकरण की नीति अपनाती रही है।उस पर निशाना साधा जाता है कि वर्ष 1937 में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने मुस्लिम लीग और मोहम्मद अली जिन्ना के आगे घुटने टेके और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पदों को छोड़कर शेष हिस्सों को हटाने का निर्णय लिया था।’वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर आज भी सवाल उठाए जाते हैं।

Politics: कांग्रेस की समस्या

हालांकि कांग्रेस और उसके समर्थक का तर्क देते रहे हैं कि कांग्रेस ने कभी किसी समुदाय विशेष के तुष्टिकरण के लिए नहीं, बल्कि हमेशा संविधान के दायरे में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों के कल्याण व सुरक्षा के लिए फैसले लिये।कांग्रेस के निर्णय समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने वाले रहे। इसके बावजूद शायद अब कांग्रेस को भी लगने लगा है कि समाज में उसकी छवि हिंदू विरोधी होने की बन चुकी है।समझा जाता है कि पार्टी तुष्टिकरण की नीति अपनाने और हिंदुत्व विरोधी होने का जो ठप्पा उस पर लगाया जाता रहा है, उसे मिटाना चाहती है।दिग्विजय सिंह की ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को इसी नजरिये से देखा जा रहा है। 

 Politics: यात्रा में क्या होगा?

हालांकि दिग्विजय सिंह के अनुसार उनकी यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का विरोध करना नहीं है, लेकिन साथ ही वह यह भी कहते हैं कि यात्रा का उद्देश्य धर्म और आस्था के नाम पर हो रहे कथित शोषण के खिलाफ जन-जागृति लाना है।दिग्विजय सिंह कांग्रेस के बड़े नेता हैं, जाहिर है उनकी यात्रा की आड़ में कांग्रेस जहां एक ओर राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी, वहीं जनता में यह संदेश देने की कोशिश भी करेगी कि कांग्रेस नेता हिंदुत्व और सनातन संस्कृति में गहरी आस्था रखते हैं।कांग्रेस पर ‘हिंदू-विरोधी’ होने के आरोप बेकार में ही लगाए जाते हैं।   

Politics: यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं

विपक्षी दलों और संतों ने दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह से राजनीतिक है और इसका आयोजन आगामी चुनावों विशेषकर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। आरोप है कि यात्रा के बहाने कांग्रेस अपनी हिंदू विरोधी छवि बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा संभव नहीं होगा।