BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा 18 वां ब्रिक्स सम्मेलन बहुत खास माना जा रहा है।सम्मेलन में आर्थिक मुद्दों, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार आदि मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद आपसी सहयोग और सामूहिक शक्ति के साथ आगे बढ़ने के जो सुझाव आएंगे, निश्चित ही उनसे दुनिया के करोड़ों लोगों को फायदा होगा।
विकासशील देशों के हित में होगी चर्चा
ब्रिक्स देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी ( 49.5 प्रतिशत) निवास करती है।ब्रिक्स दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है।ब्रिक्स समूह द्वारा स्थापित New Development Bank (NDB) उभरती अर्थव्यवस्थाओं एवं विकासशील देशों में अवसंरचना एवं सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने और उनका लाभ उठाने की दृष्टि से मदद करता है।उन्हें पारदर्शी और सुलभ ऋण सहायता प्रदान करता है।भारत की अध्यक्षता में हो रहे 18 वें ब्रिक्स सम्मेलन में उभरती अर्थव्यवस्थाओं एवं विकासशील देशों के हित में चर्चा होनी स्वाभाविक है।आर्थिक साझेदारी और विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) के अधिकारों की मजबूती की दृष्टि से यह सम्मेलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS Summit 2026: सुरक्षा और आतंकवाद
जानकारों के अनुसार ब्रिक्स समूह भारत के प्रयासों से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) मानकों के पालन पर जोर देता रहा है। यह समूह आतंकवाद के खात्मे और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए सभी देशों को एकजुट करता है। जो वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।इस बार भारत सम्मेलन की अध्यभता कर रहा है, तो माना जा रहा है कि आतंकवाद और सुरक्षा के विषय पर गंभीरता से चर्चा होगी।रास्ता निकल पाएगा कि आपसी सहयोग से कैसे आतंवाद का खात्मा किया जाए।
BRICS Summit 2026: पर्यावरण संरक्षण
ग्रीनहाउस गैसों के बड़े पैमाने पर हो रहे उत्सर्ज के कारण आज इंसान ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।जलवायु परिवर्तन के खतरे दुनिया के तमाम विकासशील देशों को झेलने पड़े हैं। इससे उनकी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।जलवायु परिवर्तन के चलते ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना आपदाओं की वजह बन रहा है और इससे जन-धन की बहुत बड़ी क्षति हो जाती है।ब्रिक्स समूह के देश इस बारे में विचार-विमर्श कर कोई ठोस सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।पर्यावरण संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे का विकास ब्रिक्स समूह की प्राथमिकता में रहा है।
BRICS Summit 2026: ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा
ब्रिक्स सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर मिलकर काम करने की रणनीति बनने की सभावनाएं हैं। कृषि अनुसंधान और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के विकास हेतु साझा प्राथमिकताएं तय की जा सकती हैं।
BRICS Summit 2026: आर्थिक संतुलन
ब्रिक्स देशों की कोशिश रही है कि आपसी व्यापार स्थानीय मुद्राओं में किया जाए, ताकि डॉलर पर निर्भरता कम हो जाए। इस सम्मेलन में भी वैश्विक वित्तीय संकटों के जोखिम को कम करने और वैश्विक आर्थिक संतुलन बनाए रखने पर चर्चा होनी निश्चित है।
BRICS Summit 2026: बहुध्रुवीय व्यवस्था
ब्रिक्स ने दुनिया में बहुध्रुवीय व्यवस्था बनाने में सफलता हासिल की है। यह समूह विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रखने और अपने हितों की पैरवी करने की ताकत प्रदान करता है।ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी एक या दो नहीं नहीं, बल्कि बहुध्रुवीय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाली साबित होगी।








