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‘मोहब्बत की दुकान’ चलाते हैं तो इन सवालों के जवाब दें राहुल गांधी! बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस को घेरा, जानिए विस्तार से…

Bansuri’s attack on Rahul: राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ वाली राजनीति पर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने अब सवालों की बौछार कर दी है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरते हुए पूछा कि जब पार्टी युवाओं, रोजगार और उनके भविष्य की बात करती है, तो कांग्रेस नेताओं या उनसे जुड़े लोगों पर भर्ती परीक्षाओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप सामने आने पर पार्टी नेतृत्व जवाब क्यों नहीं देता?

बांसुरी स्वराज ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भर्ती से जुड़े अलग-अलग मामलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने BRICS डिनर में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी और पंजाब में बिजली कटौती को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया।

‘मोहब्बत की दुकान’ पर बांसुरी स्वराज ने क्या पूछा?

बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे का जिक्र करते हुए कांग्रेस से पूछा कि अगर पार्टी वास्तव में युवाओं और उनके भविष्य को लेकर चिंतित है, तो भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर उसका रुख क्या है? उनका कहना था कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस केंद्र सरकार से जवाब मांगती है, लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में रही है या जिन मामलों में कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं, वहां भी पार्टी को सवालों का जवाब देना चाहिए।

Bansuri’s attack on Rahul: उत्तराखंड के VPDO मामले से कांग्रेस को क्यों घेरा?

बीजेपी सांसद ने उत्तराखंड के VPDO परीक्षा से जुड़े मामले का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन और वर्तमान पीए से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई का हवाला देते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति और संसाधनों से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों पर पार्टी की जवाबदेही क्या है?

छत्तीसगढ़ के CGPSC मामले का भी किया जिक्र

बांसुरी स्वराज ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD से जुड़े CGPSC भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी की राजनीति में युवाओं और रोजगार का मुद्दा प्रमुख रहता है, उसे भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में उठने वाले सवालों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए। यहां भी आरोप और जांच को अदालत के अंतिम फैसले के समान नहीं माना जा सकता।

Bansuri’s attack on Rahul: हिमाचल के भर्ती मामले में किस पर उठाया सवाल?

बीजेपी सांसद ने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग भर्ती से जुड़े कथित कमीशनखोरी के मामले को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक नेता के बेटे पर कटमनी लेने के आरोप सामने आए हैं। बांसुरी स्वराज ने सवाल किया कि कांग्रेस जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं के अधिकारों की बात करती है, तो अपनी पार्टी से जुड़े ऐसे आरोपों पर उसका जवाब क्या है?

Bansuri's attack on Rahul
                                                       Bansuri’s attack on Rahul
BRICS डिनर में कांग्रेस के CM क्यों नहीं पहुंचे?

बांसुरी स्वराज ने भर्ती परीक्षाओं के बाद BRICS समिट के डिनर को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की डिनर में गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि BRICS किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच था। बीजेपी सांसद का तर्क था कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन जब मामला देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ा हो तो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रतिनिधित्व करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को डिनर के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए।

Bansuri’s attack on Rahul: रेवंत रेड्डी को लेकर क्या बोलीं बांसुरी?

बांसुरी स्वराज ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भी जिक्र किया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी ने पहले निमंत्रण स्वीकार किया था, लेकिन बाद में डिनर में शामिल नहीं होने का फैसला किया। इसी को लेकर बीजेपी सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध राजनीतिक तौर पर किया जा सकता है, लेकिन देश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना चाहिए।

पंजाब की बिजली कटौती भी बनी निशाना

बांसुरी स्वराज ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने चुनाव के दौरान 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के वादे का जिक्र करते हुए राज्य में बिजली कटौती को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए केंद्र सरकार पर दोष मढ़ती है। बीजेपी सांसद ने कहा कि सरकारों के कामकाज का अंतिम फैसला जनता चुनाव के दौरान करती है।

Bansuri’s attack on Rahul: बांसुरी स्वराज के निशाने पर सिर्फ राहुल गांधी हैं?

बांसुरी स्वराज के पूरे बयान को देखें तो निशाना सिर्फ राहुल गांधी नहीं, बल्कि कांग्रेस की रोजगार, युवा और भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति भी है। उन्होंने एक के बाद एक ऐसे मुद्दे उठाए, जिन पर कांग्रेस अक्सर केंद्र सरकार को घेरती रही है। बीजेपी सांसद का संदेश साफ था कि राजनीतिक दलों को दूसरों से सवाल पूछने के साथ-साथ अपने नेताओं और अपने शासन वाले राज्यों से जुड़े सवालों पर भी जवाब देना चाहिए।

अब कांग्रेस का जवाब क्या होगा?

बांसुरी स्वराज के हमले ने कांग्रेस के सामने कई राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, जिन भर्ती मामलों का उन्होंने जिक्र किया है, उनमें जांच और कानूनी प्रक्रिया का अंतिम परिणाम महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं BRICS डिनर में शामिल होने या नहीं होने का मामला राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग नजरिए का विषय हो सकता है। लेकिन इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है, क्या ‘मोहब्बत की दुकान’ की राजनीति करने वाली कांग्रेस इन सवालों का जवाब देगी, या बीजेपी के हमले को सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बताकर खारिज कर देगी?

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