Namo Bharat Train: दिल्ली-NCR से उत्तराखंड और चारधाम यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। इस रेल लाइन पर मेरठ-ऋषिकेश-हरिद्वार नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना है। नई रेल कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश का सफर करीब 6-7 घंटे से घटकर लगभग 2 से 2.30 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, दिल्ली से कर्णप्रयाग करीब 5-6 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इससे केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी फायदा मिलेगा।
Namo Bharat Train: 2029 तक रेल लाइन के उद्घाटन की योजना-
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। प्रोजेक्ट को 2029 तक पूरा कर इसका उद्घाटन करने की योजना है। वहीं, शिवपुरी और ब्यासी तक ट्रेन सेवा 2028 से शुरू होने की संभावना बताई गई है। इस रेल लाइन का सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। इसके साथ ही मेरठ से मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश तक नमो भारत रैपिड रेल चलाने की भी योजना है।
Namo Bharat Train: दिल्ली से कर्णप्रयाग का सफर होगा कम-
फिलहाल सड़क मार्ग से दिल्ली से कर्णप्रयाग पहुंचने में करीब 13 घंटे लग जाते हैं। नई रेल लाइन और नमो भारत सेवा शुरू होने के बाद यह सफर करीब 5 से 6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को ऋषिकेश या हरिद्वार से पहाड़ी रास्तों पर 7-8 घंटे का बस या टैक्सी सफर करने की जरूरत कम हो जाएगी। रेल लाइन पर कुल 12 रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें कई स्टेशन सुरंगों के अंदर होंगे।
भूस्खलन और भारी बारिश में भी मिलेगा फायदा-
उत्तराखंड में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने से यात्रा प्रभावित होती है। नई रेल लाइन का बड़ा हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरने के कारण ऐसे मौसम में यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। चीन सीमा यानी LAC के नजदीक होने के कारण यह रेल लाइन रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के लिए भी किया जा सकेगा।
चारधाम यात्रा होगी आसान-
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सबसे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में सड़क मार्ग से ऋषिकेश से बद्रीनाथ पहुंचने में करीब 11 घंटे लगते हैं। रेल लाइन शुरू होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक ट्रेन से करीब 2 घंटे में पहुंचने और इसके बाद जोशीमठ-बद्रीनाथ की यात्रा सड़क मार्ग से पूरी करने की योजना है। इससे बद्रीनाथ जाने की कुल यात्रा दूरी और समय में काफी कमी आ सकती है।
केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वालों को भी राहत-
ऋषिकेश से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग से पहुंचने में फिलहाल करीब 3.30 से 4.30 घंटे लगते हैं। रेल कनेक्टिविटी बनने के बाद इस यात्रा का समय करीब डेढ़ घंटे तक आने की उम्मीद है। वहीं, हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा। वर्तमान में जहां इस यात्रा में करीब 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं नई रेल कनेक्टिविटी के बाद यह समय घटकर करीब 5-6 घंटे होने की उम्मीद है। इससे पंजाब और हरियाणा से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।








