Yogi Government: उत्तर प्रदेश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ सरकार और समाजवादी पार्टी के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही है। इसी मुद्दे पर एक चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं ने योगी सरकार की कार्रवाई, अपराधियों के खिलाफ अभियान और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। वहीं, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की राजनीति पर भी सवाल उठाए गए।
बीजेपी नेताओं ने योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की
चर्चा के दौरान बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह से काम किया जा रहा है, उससे प्रदेश की जनता योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। नेताओं ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगों का नामोनिशान नहीं है और अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि पहले अपराधियों के डर की वजह से लोगों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता रहती थी। बच्चे स्कूल से देर से लौटते थे तो परिवार के लोग परेशान हो जाते थे। घर का मुखिया नौकरी या काम के लिए बाहर जाता था तो परिवार को उसकी सुरक्षित वापसी की चिंता रहती थी। महिलाओं और लड़कियों को भी उच्च शिक्षा के लिए जिले से बाहर भेजने में परिवार हिचकिचाते थे।
Yogi Government: अपराधियों के डर का माहौल खत्म होने का दावा
बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि अब प्रदेश का माहौल बदल गया है। उनके मुताबिक, लोग रात में भी अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा कर सकते हैं और रोजगार या पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जा सकते हैं।उन्होंने छोटे कारोबारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज दुकानदारों से किसी अपराधी द्वारा जबरन वसूली या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम पर डराने-धमकाने की शिकायतें पहले जैसी नहीं हैं। नेताओं ने कहा कि यह बदलाव बीजेपी सरकार के दौरान आया है।
सपा सरकार पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप
चर्चा में बीजेपी नेताओं ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर माफिया और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम से इलाके में डर का माहौल रहता था। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों के वाहनों के साथ हथियारबंद लोग चलते थे और आम लोगों को अपने घर, कारोबार और सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी।नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कई मामलों में जाति के आधार पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने आजम खान, इरफान सोलंकी और अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि उनके समर्थन में इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
Yogi Government: योगी सरकार की कार्रवाई को निष्पक्ष बताया
जब योगी सरकार पर जाति और धर्म देखकर कार्रवाई करने का आरोप लगाए जाने को लेकर सवाल किया गया, तो बीजेपी नेताओं ने इसे खारिज किया। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसकी जाति या धर्म देखकर नहीं, बल्कि उसके अपराध के आधार पर की जाती है।एक वक्ता ने कहा कि योगी सरकार की कार्रवाई को निष्पक्ष तरीके से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है और इसी संदर्भ में उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
‘बाबा के बुलडोजर’ का किया जिक्र
चर्चा में एक वक्ता ने कहा कि जहां कोई व्यक्ति कानून का पालन नहीं करता और कानून को चुनौती देने की कोशिश करता है, वहां सरकार कार्रवाई करती है। इसी दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ की तुलना अखिलेश यादव से करने पर आपत्ति जताते हुए दोनों की कार्यशैली में बड़ा अंतर बताया।वक्ता ने एक पुराने कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकार के एक मंत्री पर ‘चूजा लेकर आओ’ जैसी बात कहने का आरोप लगाया जाता था। इसके विपरीत उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के मंत्री और प्रधानमंत्री देश के लिए काम करने की बात करते हैं।
Yogi Government: जाति देखकर कार्रवाई के आरोप पर जवाब
योगी सरकार पर एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई में जाति और धर्म देखने के आरोप पर बीजेपी नेताओं ने कहा कि जिस विचारधारा के तहत योगी आदित्यनाथ काम करते हैं, उसमें जाति का उल्लेख नहीं है। उनके मुताबिक, प्राथमिकता भारतीय होने की पहचान और राष्ट्रहित को दी जाती है।उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव यादव और मुस्लिम समीकरण के आधार पर राजनीति करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले मायावती ने दलित और मुस्लिमों को एक साथ आने की अपील की थी और मुलायम सिंह यादव ने भी अलग-अलग सामाजिक समूहों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश की थी।इसके विपरीत बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि उनकी पार्टी जाति और धर्म के आंकड़ों के आधार पर वोट मांगने के बजाय राष्ट्र की सेवा के नाम पर समर्थन मांगती है।
‘तुरंत कार्रवाई की जरूरत’ पर जोर
योगी सरकार की ‘नो टॉलरेंस’ नीति और अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई। बीजेपी नेताओं ने कहा कि यदि किसी अपराधी के खिलाफ मुकदमा 20 साल तक चलता रहे और वह इस दौरान बाहर रहकर दोबारा अपराध करता रहे, तो ऐसी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान अपराधियों के हौसले बढ़े थे और अब उत्तर प्रदेश की जनता ने योगी सरकार की कार्रवाई को देखा है।
Yogi Government: यूपी में दंगे खत्म होने का दावा
प्रदेश में दंगों को लेकर भी बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश में दंगों का नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में नियमित रूप से दंगों की घटनाएं देखने को मिलती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।उनका दावा था कि अपराधी या तो उत्तर प्रदेश छोड़ चुके हैं, जेल चले गए हैं या फिर अपना व्यवहार बदलकर सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि सरकार ऐसी होनी चाहिए जो देश और नागरिकों के प्रति जिम्मेदार हो तथा दंगाइयों, भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
कार्रवाई किए गए अपराधियों के नाम गिनाए
चर्चा के दौरान योगी सरकार के कार्यकाल में कार्रवाई का सामना करने वाले कई कथित अपराधियों के नाम भी गिनाए गए। इनमें विकास दुबे, अमर दुबे, राकेश पांडे, सुधाकर सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, संजय प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह सेंगर, संजीव माहेश्वरी, नयाब सिंह यादव, अजय प्रताप सिंह, अनिल दुजाना, बदन सिंह डब्बू और सुंदर भाटी के नाम शामिल किए गए।कुलदीप सिंह सेंगर के बारे में वक्ता ने कहा कि वह बीजेपी से जुड़े थे और बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिए गए थे। नेताओं ने इन नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह दावा सही नहीं ठहरता कि योगी सरकार केवल किसी विशेष जाति या धर्म के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
Yogi Government: सपा सरकार के कार्यकाल के मामलों का भी किया जिक्र
बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 2013 में आतंकवाद से जुड़े मामलों की वापसी और रात में अदालत खुलवाए जाने का दावा किया। इसके अलावा जवाहर बाग कांड, 2016 के मुजफ्फरनगर दंगों, गायत्री प्रसाद प्रजापति, अतीक अहमद और डीएसपी जियाउल हक से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया गया।इसके साथ ही यादव सिंह से जुड़े भ्रष्टाचार मामले और पत्रकार गजेंद्र सिंह हत्याकांड सहित कई मामलों का उल्लेख करते हुए बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में अपराधियों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण मिला।
‘सबका साथ, सबका विकास’ का किया उल्लेख
बीजेपी नेताओं ने कहा कि 2017 में उनकी सरकार बनने के बाद अपराध और माफिया गतिविधियों पर लगाम लगाने का काम किया गया। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने कभी जाति के आधार पर समाज को बांटने का काम नहीं किया।उनका कहना था कि बीजेपी एक राष्ट्रवादी पार्टी है और देशहित को प्राथमिकता देती है। नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री और पार्टी के कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं।
Yogi Government: जनता से लगातार संपर्क का दावा
चर्चा में बीजेपी नेताओं ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही पार्टी के नेता लगातार जनता के बीच संवाद बनाए हुए हैं। उनके मुताबिक, छोटे कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री तक जनता के बीच जाते हैं और लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं।उन्होंने दावा किया कि जनता ने भी बीजेपी का लगातार सहयोग किया है और 2017 में पूर्ण बहुमत के बाद 2022 में भी पार्टी को बहुमत मिला।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी किया दावा
एक वक्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति बदली है। उन्होंने दावा किया कि अब महिलाएं रात में भी अपने घर से बाहर निकल सकती हैं और उन्हें पहले की तरह डर का सामना नहीं करना पड़ता।उन्होंने 2014 में केंद्र में और 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने जनता के हित में काम किया है।
Yogi Government: अखिलेश यादव पर पत्रकारों के अपमान का आरोप
चर्चा के दौरान पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर भी अखिलेश यादव पर सवाल उठाए गए। बीजेपी नेताओं ने एक वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पत्रकार उनसे सवाल करते हैं तो कई बार पत्रकार का नाम और सरनेम पूछा जाता है।बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता में वापसी नहीं होने के कारण अखिलेश यादव पत्रकारों को भी बीजेपी समर्थक बताने लगे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने बूथ कैप्चरिंग और ईवीएम को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों का भी उल्लेख किया।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
चर्चा के अंत में बीजेपी नेताओं ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी फिर सरकार बनाएगी। एक वक्ता ने दावा किया कि पार्टी 403 विधानसभा सीटों में से 375 सीटों पर जीत हासिल करेगी और समाजवादी पार्टी, कांग्रेस तथा उनके सहयोगी दलों की जमानत जब्त हो जाएगी।उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 में योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और बीजेपी की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी।हालांकि, ये सभी बातें चर्चा में शामिल बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए राजनीतिक दावे और आरोप थे।









