Bittu Tabahi: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की अजनार नदी से शुरू हुई सफाई की एक मुहिम अब दिल्ली की यमुना तक पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से पहचान बनाने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी ने यमुना किनारे स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स के साथ सफाई अभियान चलाया। करीब साढ़े चार घंटे चले इस अभियान में 585 किलो कचरा हटाया गया। अब उन्होंने गुरुग्राम के खेड़की दौला में अगला अभियान चलाने की बात कही है।
कौन हैं ‘बिट्टू तबाही’?
‘बिट्टू तबाही’ नाम से मशहूर सुरेंद्र सिंह चौधरी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले हैं। रिपोर्टों के मुताबिक वह बीएससी के छात्र हैं। सार्वजनिक जगहों और नदियों की सफाई को लेकर उनके वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आए। खास बात यह रही कि उनकी पहचान किसी बड़े सफाई अभियान से नहीं, बल्कि खुद नदी में उतरकर कचरा निकालने के प्रयास से बनी।
Bittu Tabahi: अजनार नदी से शुरू हुई कहानी
बिट्टू ने 26 जनवरी 2026 को अजनार नदी की सफाई शुरू की थी। शुरुआती दौर में कुछ दोस्त भी उनके साथ जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने काफी काम खुद जारी रखा। नदी में प्लास्टिक, बोतलें और दूसरी गंदगी जमा होने की तस्वीरें सामने आती थीं। कई महीनों तक सफाई करने के बाद उनकी मुहिम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
अजनार के बाद यमुना तक पहुंची मुहिम
अजनार नदी के बाद बिट्टू ने अपने सफाई अभियान का दायरा दूसरे शहरों तक बढ़ाने की बात कही। इसी क्रम में वह दिल्ली पहुंचे और यमुना किनारे सफाई अभियान चलाया। 20 सितंबर को वर्ल्ड क्लीनअप डे के मौके पर आयोजित अभियान में स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स ने भी हिस्सा लिया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले अभियान में नदी किनारे से 585 किलो कचरा हटाया गया।
Bittu Tabahi: यमुना किनारे क्या-क्या मिला?
सफाई के दौरान यमुना किनारे बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, फूल-मालाएं और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री मिली। टीम ने कचरे को एक जगह एकत्र किया और कई घंटे तक सफाई की। बिट्टू के मुताबिक इस अभियान में कुल 585 किलो कचरा हटाया गया। अभियान से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए।
अब गुरुग्राम में अगला अभियान
दिल्ली के बाद बिट्टू तबाही की मुहिम का अगला पड़ाव गुरुग्राम का खेड़की दौला बताया गया है। उनका कहना है कि अलग-अलग शहरों और राज्यों में जाकर सफाई के साथ लोगों को सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक करना भी अभियान का हिस्सा है। इस तरह अजनार नदी से शुरू हुआ सफाई का प्रयास अब मध्य प्रदेश से बाहर निकलकर यमुना और आगे गुरुग्राम तक पहुंच चुका है।
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