UN General Debate 2026: तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। एर्दोगन 2019 के बाद से 2024 को छोड़कर हर साल संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का जिक्र कर चुके हैं। इस तरह वह अब तक 7 बार इस मुद्दे को UN के मंच पर उठा चुके हैं। भारत पहले भी एर्दोगन की ऐसी टिप्पणियों को खारिज कर चुका है।
UN General Debate 2026: फिलिस्तीन के समर्थन में बोले एर्दोगन
एर्दोगन ने अपने भाषण में फिलिस्तीन का समर्थन भी किया। उन्होंने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनके संबोधन के दौरान इजराइल के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल से बाहर चले गए।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस पर झूठ और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे समाज पर एक तरह का ‘हमला’ बताया। बर्नहम ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए ब्रिटेन सरकार एक नया ‘डिसइंफॉर्मेशन सेंटर’ बनाने जा रही है, जिसका उद्देश्य गलत जानकारी के प्रसार को रोकना होगा।
AI को लेकर ग्लोबल नियम बनाने की बात
संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले भाषण के दौरान बर्नहम ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल से झूठ और गलत जानकारी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करेगा। बर्नहम ने यह भी ऐलान किया कि 2027 में जब ब्रिटेन G20 की अध्यक्षता करेगा, तब AI के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर वैश्विक नियम बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

UN General Debate 2026: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के UN दौरे का विरोध
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करने को लेकर उनके देश में विरोध देखने को मिला। CNN के मुताबिक, राजधानी कराकस में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि रोड्रिगेज को UN के मंच पर जाकर वेनेजुएला का प्रतिनिधित्व करने का नैतिक अधिकार नहीं है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे उन्हें देश की वैध नेता नहीं मानते।
जनवरी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद रोड्रिगेज ने सत्ता संभाली थी। हालांकि शुरुआत में उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी का विरोध किया था। बाद में उन्होंने ट्रम्प प्रशासन के साथ मिलकर वेनेजुएला के बड़े तेल भंडार से जुड़े समझौते किए।
UN General Debate 2026: ट्रम्प ने 38 मिनट में 10 अहम मुद्दों पर बात की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में करीब 38 मिनट के अपने भाषण में कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र किया। उनके भाषण की 10 प्रमुख बातें इस प्रकार हैं।
1. ईरान को लेकर चेतावनी
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के सामने दो रास्ते हैं या तो वह समझौता करे या फिर अमेरिका उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
2. ईरान के साथ समझौते पर बयान
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान मिडटर्म चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। उनके मुताबिक इसके बाद ईरान समझौते के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी न किसी तरीके से यह संघर्ष खत्म होगा।
3. होर्मुज में तेल की आवाजाही
ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने हाल में होर्मुज से 1 अरब बैरल से अधिक तेल ले जा रहे जहाजों को सुरक्षा दी है। उनके मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद इस रास्ते से अभी सबसे ज्यादा तेल गुजर रहा है।
4. अमेरिका की ताकत पर बात
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका वापस आ गया है। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया और कहा कि अपराध कम हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल है।
5. रूस-यूक्रेन युद्ध पर बयान
ट्रम्प ने कहा कि रूस और यूक्रेन के लोग युद्ध से थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यह युद्ध खत्म होने वाला है और किसी न किसी तरीके से इसका समाधान निकलेगा।
6. क्यूबा में आजादी की बात
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में कम्युनिज्म कभी नहीं आएगा, लेकिन क्यूबा में आजादी जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने पड़ोस में ऐसे देशों को दूसरे देशों के लिए खतरा बनने का ठिकाना नहीं बनने देगा।
7. ड्रग कार्टेल्स पर सख्त कार्रवाई
ट्रम्प ने पश्चिमी गोलार्ध में सक्रिय ड्रग कार्टेल्स की तुलना ISIS जैसे खतरों से की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
8. AI पर ट्रम्प का रुख
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका AI को नियंत्रित करने वाली किसी वैश्विक व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि AI को ‘सुपर इंटेलिजेंस’ यानी SI कहा जाना चाहिए।
9. ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में दो बड़े सैन्य ठिकाने बनाएगा। उन्होंने अमेरिका की सुरक्षा के लिए वहां मजबूत सैन्य मौजूदगी को जरूरी बताया।
10. UN की फंडिंग में कटौती
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की फंडिंग में करीब 15% कटौती की है। उनके मुताबिक पैसों की कमी के कारण UN को करीब 4,000 कर्मचारियों को हटाना पड़ा।

UN General Debate 2026: खाड़ी देशों के नेताओं से ट्रम्प की बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं के साथ बहुपक्षीय बैठक की। इस परिषद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान शामिल हैं। बैठक में जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और कतर के अमीर शेख हमद अल थानी भी मौजूद रहे।
चागोस द्वीपों को लेकर ब्रिटेन की योजना पर सवाल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। यह बैठक तय 30 मिनट से अधिक समय तक चली। ट्रम्प ने इस दौरान बर्नहम की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पिछले प्रधानमंत्री के कार्यकाल की तुलना में बेहतर हैं।हालांकि, ट्रम्प ने चागोस द्वीपों की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने की ब्रिटेन की योजना की आलोचना की। उन्होंने इसे खराब समझौता बताया और कहा कि यह इलाका सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
UN General Debate 2026: अमेरिका-ईरान के बीच करीब 3 घंटे बातचीत
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी प्रशासन और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 3 घंटे तक बैठक हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बैठक को ‘बहुत अच्छी बैठक’ बताया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा काफी सकारात्मक रही और बातचीत अच्छी तरह पूरी हुई।
UNGA के दौरान भारत और V4 देशों की बैठक
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और मध्य यूरोप के V4 समूह के देशों के बीच भी बैठक हुई। V4 में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेकिया शामिल हैं। बैठक में आपसी समन्वय को लगातार मजबूत बनाए रखने पर चर्चा हुई।दोनों पक्षों ने तय किया कि अब भारत और V4 देशों के विदेश मंत्री हर साल नियमित बैठक करेंगे। इसके अलावा व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक साझा बिजनेस फोरम शुरू करने का फैसला किया गया। इस फोरम के जरिए दोनों पक्षों की कंपनियों को कारोबार के लिए एक नया मंच मिल सकेगा।









