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राहुल गांधी: ‘वोट चोरी’ संविधान पर सीधा हमला, इंसाफ जरूर होगा

Rahul Gandhi:

Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी भारत के लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे अंजाम देने वालों को जवाब देना होगा और न्याय जरूर होगा। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें एक दिन में चार आपत्तियां भी शामिल थीं।

Rahul Gandhi: दो चुनाव आयुक्तों ने दर्ज कराई आपत्ति-

रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने, SIR प्रक्रिया, Form 6 में बदलाव और मतदाता सूची के डेटा की पहुंच से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए। दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में दावा किया कि फैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने चुनावी डेटा के सिस्टम को दिल्ली में अधिक केंद्रीकृत किए जाने और स्थानीय अधिकारियों की पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई थी।

Rahul Gandhi: Form 6 में बदलाव को लेकर भी सवाल-

नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए बदलावों को लेकर भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक जोशी ने मई में कहा था कि नियमों में बदलाव किए बिना इस वैधानिक फॉर्म को बदला नहीं जा सकता। बाद में सुखबीर सिंह संधू ने भी इस बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज की।

राहुल गांधी ने फिर साधा चुनाव आयोग पर निशाना-

राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी देश के लोगों के खिलाफ अपराध है और संविधान पर सीधा हमला है। इससे पहले भी उन्होंने SIR को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जो कुछ किया जा रहा है, उसके लिए जिम्मेदारी तय होगी। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई मुद्दों पर आपत्ति दर्ज की, लेकिन उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया।

चुनाव आयोग ने रिपोर्ट के दावों पर क्या कहा-

वहीं, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग की ओर से कहा गया कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। इस तरह SIR को लेकर एक तरफ दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने अपने सभी फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है

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