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‘छोटी बच्चियों का मामला है, चुप क्यों हो, कुछ तो बोलो’, वीरमणि POCSO केस पर विजय का स्टालिन पर हमला

Veeramani POCSO Case:

Veeramani POCSO Case: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख विजय ने वीरमणि POCSO मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधा है। विजय ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर मामले पर चुप्पी साधी गई और लोगों को सच्चाई जानने का अधिकार है। उन्होंने स्टालिन से इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की।

Veeramani POCSO Case: ‘छोटी बच्चियों का मामला है, कुछ तो बोलिए’-

विजय ने कहा, “पूरा तमिलनाडु पूछ रहा है कि असली मामला क्या है। मिस्टर स्टालिन, आप अपनी चुप्पी तोड़िए। छोटी बच्चियों का मामला है, कुछ तो बोलिए।” विजय ने इस मामले को राजनीति से ऊपर बताते हुए कहा कि यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अगर छोटे बच्चों के दर्द के बारे में बात नहीं की जा सकती, तो राजनीति का क्या मतलब है।

Veeramani POCSO Case: DMK पर मामला दबाने का आरोप-

विजय ने आरोप लगाया कि आरोपी लंबे समय तक लड़कियों का कथित शोषण करता रहा, लेकिन सत्ता पक्ष ने इस इतिहास को सामने आने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग जानना चाहते हैं कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद मामले में पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

‘हमने उसे जेल भेजा’-

विजय ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई और उसे जेल भेजा गया है। उन्होंने विपक्षी दल AIADMK पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले पर वहां से भी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई।

क्या है वीरमणि POCSO केस-

यह मामला चेन्नई के एक NGO के वॉलंटियर द्वारा 2025 में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। एक अज्ञात व्यक्ति ने एक पेनड्राइव सौंपी थी, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न का वीडियो था। यह घटना कारोबारी वीरमणि की सहयोगी शांति के आवास पर हुई थी। जांच के बाद संदिग्ध की पहचान जेम ग्रेनाइट्स के प्रमुख वीरमणि के रूप में हुई। पुलिस ने 29 अगस्त 2026 को POCSO एक्ट के तहत 84 वर्षीय वीरमणि और उसके सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई नाबालिग लड़कियों को उस घर में लाया गया था और वीरमणि पर उनके कथित यौन शोषण का आरोप है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गणेशन भी गिरफ्तार-

इसके बाद 22 सितंबर 2026 को एक अन्य संदिग्ध गणेशन को गिरफ्तार किया गया। वह वीरमणि की कंपनी में 23 वर्षों तक काम कर चुका था। उस पर आपत्तिजनक वीडियो अपने पास रखने और इसकी जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नहीं देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गणेशन के कबूलनामे के आधार पर CCB की टीम ने 23 सितंबर को पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें गोपालपुरम स्थित वीरमणि का कार्यालय और टी. नगर स्थित उसका आवास भी शामिल है।

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