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यूपी में बनी ब्रह्मोस अब पाकिस्तान की नींद उड़ा रही, अमित शाह ने योगी सरकार की जमकर तारीफ की

अगर आप इसे एक **समाचार शीर्षक** के रूप में लिखना चाहते हैं: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में गृह मंत्री अमित शाह
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलते औद्योगिक और सुरक्षा परिदृश्य की जमकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यूपी में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान की “नींद उड़ा रही” है। अमित शाह ने इसके साथ ही योगी सरकार के कानून-व्यवस्था, निवेश के माहौल, रक्षा उत्पादन और रोजगार से जुड़े कामों का भी उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के चौथे संस्करण की शुरुआत हुई। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। इसी मंच से अमित शाह ने यूपी में हो रहे औद्योगिक बदलाव और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती हिस्सेदारी को लेकर कई अहम बातें कहीं।
UP News: ब्रह्मोस को लेकर अमित शाह का बड़ा बयान
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल अब पाकिस्तान की “नींद उड़ा रही” है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आए बदलाव का एक प्रमुख संकेत बताया। लखनऊ में ब्रह्मोस के लिए स्थापित एकीकरण और परीक्षण सुविधा उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे का अहम हिस्सा है। इस केंद्र में मिसाइलों की असेंबली, एकीकरण और परीक्षण से जुड़ा काम किया जाता है। अक्टूबर 2025 में इसी केंद्र से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को रवाना किया गया था। अमित शाह ने रक्षा क्षेत्र में यूपी की दूसरी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य अब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
UPITS-2026 के पहले दिन CM योगी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने UPEIDA स्टॉल का दौरा किया।
UPITS-2026 के पहले दिन CM योगी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने UPEIDA स्टॉल का दौरा किया।
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था का भी किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलाव को निवेश के माहौल से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने ऐसा वातावरण तैयार किया, जिससे राज्य में निवेश के लिए परिस्थितियां बेहतर हुईं। उन्होंने 2017 से पहले के दौर का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय उत्तर प्रदेश में अपराध और माफिया का प्रभाव था, जबकि अब राज्य में रक्षा उत्पादन, वाहन निर्माण और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह अमित शाह का राजनीतिक आकलन और सरकार के प्रदर्शन पर उनका बयान है।
UP News: ‘डबल इंजन सरकार’ का भी किया जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास में केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल को भी रेखांकित किया। उन्होंने इसे ‘डबल इंजन सरकार’ के कामकाज से जोड़ते हुए कहा कि राज्य विनिर्माण के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश-विदेश से खरीदार और निवेशक पहुंच रहे हैं, जिससे राज्य के उत्पादों और उद्योगों को नए बाजार मिल सकते हैं।
ओडीओपी की भी अमित शाह ने की चर्चा
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को बाजार मिला है और रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद के कांच, सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, कन्नौज के इत्र और बनारसी साड़ियों जैसे उत्पादों का उदाहरण दिया। अमित शाह के मुताबिक स्थानीय उद्योगों के विस्तार से यूपी के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
UP News: रक्षा गलियारे के छह नोड पर निवेश का दावा
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के सभी छह नोड में निवेश की गतिविधियों का भी उल्लेख किया। ये नोड झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में हैं। रक्षा उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार की कोशिश यूपी को केवल उपभोक्ता बाजार के बजाय उत्पादन और विनिर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। लखनऊ की ब्रह्मोस सुविधा इसी रणनीति का प्रमुख उदाहरण है।
ब्रह्मोस के बाद यूपी की तस्वीर क्यों बदली?
ब्रह्मोस परियोजना को केवल रक्षा क्षेत्र की परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसके साथ स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल, सहायक उद्योग और रोजगार के अवसर विकसित करने की संभावना भी जुड़ी है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक लखनऊ स्थित ब्रह्मोस सुविधा में पहली खेप अक्टूबर 2025 में तैयार होकर रवाना हुई थी। मंत्रालय ने इसे आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था। यानी एक तरफ उत्तर प्रदेश में पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को ओडीओपी के जरिए बाजार से जोड़ने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ ब्रह्मोस और रक्षा औद्योगिक गलियारे जैसी परियोजनाएं राज्य को उच्च तकनीक वाले विनिर्माण क्षेत्र में आगे ले जाने की कोशिश का हिस्सा हैं।
UP News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखा बदलता यूपी
इस साल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, तकनीक, हस्तशिल्प और सेवाओं को देश-दुनिया के खरीदारों और निवेशकों के सामने रखने पर जोर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम में ट्रेड शो को परंपरा और तकनीक, विरासत और नवाचार के संगम के रूप में पेश किया। इस बार जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी भी बताई गई है।
अमित शाह के बयान में योगी सरकार के लिए क्या संदेश?
अमित शाह के पूरे संबोधन में उत्तर प्रदेश के बदलाव को कई अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़कर पेश किया गया—रक्षा उत्पादन, कानून-व्यवस्था, निवेश, स्थानीय उद्योग, रोजगार और निर्यात। खास तौर पर ब्रह्मोस का उदाहरण देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की रणनीतिक जरूरतों से जुड़े उच्च तकनीक वाले रक्षा उत्पादन में भी भूमिका निभा रहा है। योगी सरकार के संदर्भ में अमित शाह ने निवेश के लिए बेहतर माहौल और कानून-व्यवस्था को प्रमुख बिंदु के तौर पर सामने रखा। वहीं ओडीओपी और रक्षा गलियारे को उन्होंने रोजगार और औद्योगिक विस्तार से जोड़ा।
ब्रह्मोस से लेकर ओडीओपी तक, एक मंच पर यूपी की नई तस्वीर
ग्रेटर नोएडा के ट्रेड शो में अमित शाह का संदेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक और औद्योगिक पहचान पर केंद्रित रहा। एक तरफ लखनऊ में ब्रह्मोस जैसी रक्षा परियोजना है, दूसरी तरफ अमेठी की एके-203 राइफल निर्माण इकाई और प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक उत्पाद हैं। अमित शाह ने इन्हीं उदाहरणों के जरिए यूपी को उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। अब यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के जरिए राज्य के उत्पादों और उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश कितनी आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
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