Rajasthan Municipal Elections 2026: राजस्थान के तीन बड़े नगर निगमों के मेयर चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सक्रियता और कांग्रेस की रणनीति काम नहीं आई। वहीं, जयपुर और कोटा में भी भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए मेयर की कुर्सी पर कब्जा किया। तीनों नगर निगमों के नतीजों में भाजपा को अपने पार्षदों के अलावा अतिरिक्त वोट भी मिले।
Rajasthan Municipal Elections 2026: जोधपुर में भाजपा ने पलटी बाजी-
जोधपुर मेयर चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सियासी गढ़ में भाजपा ने जीत दर्ज की। कांग्रेस ने गहलोत के करीबी माने जाने वाले राजेंद्र सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था, जबकि भाजपा की ओर से प्रसन्नचंद मेहता मैदान में थे। मतगणना में मेहता को 53 वोट मिले, जबकि सोलंकी को 47 वोट मिले। भाजपा ने 6 वोट से जीत दर्ज की।
Rajasthan Municipal Elections 2026: निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भाजपा के काम आया-
100 सदस्यीय जोधपुर नगर निगम में भाजपा के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद थे। इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद था। बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे। भाजपा ने सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया था। नतीजों में भाजपा उम्मीदवार को 53 वोट मिले, यानी पार्टी को अपने पार्षदों के अलावा 8 अतिरिक्त वोट मिले।
गहलोत की सक्रियता भी नहीं आई काम-
मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने जोधपुर में पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी पुष्कर में की गई थी, जहां अशोक गहलोत ने पहुंचकर पार्षदों से मुलाकात की और रणनीति पर चर्चा की। इसके बावजूद कांग्रेस मेयर चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर सकी। दूसरी ओर भाजपा अपने पार्षदों और समर्थित निर्दलीयों को एकजुट रखने में सफल रही।
जयपुर में भाजपा के 78 पार्षद, उम्मीदवार को मिले 89 वोट-
जयपुर में भी भाजपा ने मेयर चुनाव में जीत दर्ज की। 150 सदस्यीय नगर निगम में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद थे। बहुमत का आंकड़ा 76 था। भाजपा के सुनील कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले। एक वोट नोटा में गया। कोठारी ने 29 वोट से जीत दर्ज की।
मतदान के दौरान हुआ विवाद-
जयपुर में मतदान के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान के निगम परिसर में प्रवेश को लेकर विवाद हुआ। इस मुद्दे पर धरना और विरोध भी देखने को मिला। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं।
कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी जीतीं-
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के गढ़ कोटा में भी भाजपा ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। 100 सदस्यीय नगर निगम में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद थे। बहुमत के लिए 51 वोट जरूरी थे। भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी को 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। गोस्वामी ने 30 वोट से जीत दर्ज की।
कोटा में क्रॉस वोटिंग की चर्चा-
कोटा के नतीजों के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हो गई। भाजपा के 57 पार्षद होने के बावजूद उसकी उम्मीदवार को 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के 39 पार्षदों के मुकाबले उसकी उम्मीदवार को 35 वोट ही मिले। इस तरह भाजपा को अपने पार्षदों की संख्या से 8 अधिक वोट मिले, जबकि कांग्रेस के आंकड़े में 4 वोट की कमी रही।
तीनों नगर निगमों में भाजपा की जीत-
जोधपुर, जयपुर और कोटा के मेयर चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की। तीनों जगह भाजपा उम्मीदवारों को उनके दल के पार्षदों की संख्या से अधिक वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवारों को कुछ जगह अपने पार्षदों की संख्या से कम या सीमित अतिरिक्त वोट मिले। इन नतीजों में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और मतदान के दौरान हुए क्रॉस वोटिंग के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहे।
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