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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में पथराव के बाद बढ़ी सुरक्षा, हिस्सा हटाने पर फिर गरमाया मामला; जानें अब आगे क्या होगा.

उज्जैन मस्जिद विवाद में अब आगे क्या होगा?

Ujjain Shahi Masjid: उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को हंगामा हो गया था। पत्थरबाजी के बाद भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और स्थिति को नियंत्रण में बताया गया। शाही मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की योजना से हुई। इस योजना की जद में मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है, जिसे हटाने की प्रक्रिया प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

Ujjain Shahi Masjid: सड़क 15 मीटर चौड़ी होगी

सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए उज्जैन में संबंधित सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा करीब 3.5 फीट और दूसरा हिस्सा करीब 8 फीट तक प्रभावित होगा। बाकी मस्जिद को सुरक्षित रखा जाएगा। मस्जिद की बड़ी मीनार को तोड़ने के बजाय तकनीकी तरीके से दूसरी तरफ स्थानांतरित किया जाएगा।मस्जिद से जुड़ी कुछ दुकानों को भी हटाया जाएगा और उनके दुकानदारों को दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के तहत मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिद के प्रभावित हिस्से को खुद हटाने पर सहमति जताई है।एक दिन पहले हुए हंगामे के बाद पुलिस ने 8 एफआईआर दर्ज की हैं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 5 सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान 100 से ज्यादा सोशल मीडिया कंटेंट हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

Ujjain Shahi Masjid: उज्जैन मस्जिद विवाद में अब आगे क्या होगा?
उज्जैन मस्जिद विवाद में अब आगे क्या होगा?
क्या है शाही मस्जिद का पूरा विवाद?

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 सितंबर को उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। इंदौर खंडपीठ ने जनहित, लोगों की सुरक्षा और सिंहस्थ के दौरान यातायात व्यवस्था को महत्वपूर्ण मानते हुए मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दी थी।अदालत ने जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले का निपटारा किया। इस समझौते में सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 3 फीट जगह उपलब्ध कराने और कुछ दुकानों को हटाने पर सहमति बनी थी।

Ujjain Shahi Masjid: विवाद हिंसा में कैसे बदला?

27 सितंबर 2026 की रात उज्जैन में हुई बैठक में मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद का प्रभावित हिस्सा खुद हटाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद सोमवार सुबह तक स्थिति शांत थी और मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग खुद मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने का काम कर रहे थे।इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि प्रशासन मस्जिद को पूरी तरह गिराना चाहता है और मौके पर बुलडोजर भी पहुंच चुके हैं। यह जानकारी फैलने के बाद मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और भीड़ ने आगे बढ़ने की कोशिश की।पुलिस ने जब भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने भीड़ को कैसे नियंत्रित किया?

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे हटाया। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर लगातार पत्थरबाजी की। भीड़ में शामिल कुछ महिलाओं ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश भी की।पुलिस ने प्रशासन से भिड़ने की कोशिश कर रही महिलाओं को रोक दिया। पुलिस पर हुए हमले और मस्जिद के बाहर जमा भीड़ को हटाने की कार्रवाई के दौरान महिला थाना प्रभारी भी घायल हो गईं। इसके बाद पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों को खदेड़कर इलाके को खाली कराया।

Ujjain Shahi Masjid: मस्जिद कमेटी ने क्या दलील दी?

मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि शाही मस्जिद एक पुरानी धार्मिक इमारत है। उनका कहना था कि मस्जिद के प्रार्थना कक्ष, मीनार और अन्य संरचनाओं के हिस्से हटाने से उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे।मस्जिद प्रबंधन का तर्क था कि सड़क को जरूरी चौड़ाई देने के लिए मस्जिद को प्रभावित करने के बजाय आसपास की दूसरी संपत्तियों को हटाने का विकल्प देखा जाना चाहिए। इसके अलावा सड़क का दूसरा अलाइनमेंट तय करने पर भी विचार करने की मांग की गई थी।नगर निगम के नक्शे और माप के अनुसार, मस्जिद का सामने वाला करीब 9 से 11 फीट चौड़ा हिस्सा 15 मीटर चौड़ी होने वाली सड़क की जद में आ रहा था। मस्जिद प्रबंधन के मुताबिक, इससे जमात खाना, परिसर का मजहर चौक और करीब 120 फीट ऊंची मीनार का कुछ हिस्सा प्रभावित हो रहा था।

कितनी पुरानी है उज्जैन की शाही मस्जिद?

मस्जिद के इमाम और वक्फ प्रबंधन के अनुसार, शाही मस्जिद का निर्माण 1390 ईस्वी में हुआ था। इस आधार पर इसकी उम्र करीब 636 साल बताई जाती है और इसे 14वीं शताब्दी के अंत की इमारत माना जाता है।636 साल पुरानी होने का दावा मुख्य रूप से मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम की ओर से किया गया है। हालांकि, इस तारीख की पुष्टि करने वाले स्पष्ट ऐतिहासिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उपलब्ध जानकारियों के आधार पर उज्जैन की यह ऐतिहासिक शाही मस्जिद करीब 600 से 630 साल पुरानी मानी जाती है और इसका संबंध 14वीं शताब्दी के आखिरी दौर से बताया जाता है।

Ujjain Shahi Masjid: इसे शाही मस्जिद क्यों कहा गया?

शाही मस्जिद उज्जैन के पुराने इलाके छतरी चौक यानी कंठाल क्षेत्र में स्थित है। उपलब्ध ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, इसका निर्माण मालवा के पहले स्वतंत्र शासक दिलावर खान गोरी के शासनकाल के आसपास, करीब 1390 ईस्वी में हुआ था।मस्जिद की वास्तुकला मध्यकालीन सल्तनत काल की शैली से जुड़ी बताई जाती है। पुराने समय में मालवा के शासक, उनका शाही काफिला और बड़े प्रशासनिक अधिकारी विशेष पर्वों तथा शुक्रवार की नमाज के लिए यहां आते थे। इसी वजह से इसे ‘शाही मस्जिद’ कहा जाने लगा।

मस्जिद का हिस्सा हटाना क्यों जरूरी बताया गया?

शाही मस्जिद उज्जैन के पुराने बाजार क्षेत्र में गोपाल मंदिर के पास छतरी चौक पर स्थित है। यह स्थान कंठाल चौराहे को गोपाल मंदिर से जोड़ने वाली सड़क पर पड़ता है। यही रास्ता आगे महाकालेश्वर मंदिर और क्षिप्रा नदी की ओर जाता है।इस सड़क का इस्तेमाल शाही सवारी और पेशवाई जैसे धार्मिक जुलूसों के दौरान भी किया जाता है। 2028 में सिंहस्थ के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उज्जैन नगर निगम का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए सड़क को चौड़ा करना जरूरी है।

Ujjain Shahi Masjid: हाई कोर्ट ने क्या कहा था?

9 सितंबर को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने प्रस्तावित कार्रवाई को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया था।अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि इसी सड़क पर पहले ही 10 मंदिरों और एक मस्जिद के कुछ हिस्से हटाए जा चुके हैं। अदालत के अनुसार, उज्जैन में करीब 80 धार्मिक स्थलों से जुड़े ढांचों पर भी कार्रवाई की गई थी।कोर्ट ने सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को भी ध्यान में रखा। अदालत ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए बेहतर सुविधाओं और यातायात व्यवस्था की जरूरत को भी देखा जाना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने क्या कहा?

गिरिराज सिंह ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि उज्जैन में चल रहा हंगामा सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए मंदिरों को हटाए जाने के समय हिंदू समाज ने कानून का पालन किया, जबकि उनके अनुसार शाही मस्जिद से जुड़ी कानूनी कार्रवाई के दौरान हंगामा किया जा रहा है।

Ujjain Shahi Masjid: ओवैसी ने क्या कहा?

एआईएमआईएम प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि वे गांधी के रास्ते पर चलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसके तहत कलेक्टरों और सरकारों को दी जा रही शक्तियों का इस्तेमाल मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, कब्रिस्तानों और ईदगाहों पर किया जा सकता है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुस्लिम समाज से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि अधिकार छीनने वालों को संविधान सजा देगा। कन्नौज सांसद ने यह भी कहा कि सबसे ज्यादा अवैध इमारतें बीजेपी के पास हैं।

Ujjain Shahi Masjid: अब आगे क्या होगा?

अदालत के आदेश और प्रशासन व मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की गई है। समझौते के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 3 फीट प्रभावित हिस्सा हटाया जाएगा।मस्जिद की करीब 120 फीट ऊंची बड़ी मीनार को गिराया नहीं जाएगा। इसे तकनीकी प्रक्रिया के जरिए दूसरी तरफ स्थानांतरित किया जाएगा। कार्रवाई की वजह से हटाई जा रही दुकानों के दुकानदारों को प्रशासन की ओर से वैकल्पिक स्थान दिए जाएंगे।इसके बदले मस्जिद प्रबंधन को नियमों के अनुसार एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशियो और टीडीआर यानी ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स दिए जाएंगे।

इलाके में 2,500 से ज्यादा जवान तैनात

किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए छतरी चौक और कंठाल क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां 2,500 से ज्यादा पुलिस जवान और अधिकारी मौजूद रहेंगे।शहर काजी खलीक उर रहमान ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और शांति बनाए रखते हुए घरों में रहने की अपील की है। मस्जिद के सड़क की जद में आने वाले हिस्से को हटाने का बाकी काम भी समाज के लोगों की मदद से शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया जाएगा।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात हैं। जिले के डीएम और एसपी लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में बिना आईडी कार्ड के लोगों के आने-जाने की अनुमति नहीं है। फिलहाल प्रशासन के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।