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SC की फटकार के बाद योगी ने किया यूपी पुलिस का बचाव, बोले- बिना सुरक्षा ‘भीगी बिल्ली’ बन जाते हैं

Yogi defends UP Police:
NDTV India

Yogi defends UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। कोर्ट की टिप्पणी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हमले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस का बचाव किया। लखनऊ में पुलिस सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी ने कहा कि बंद कमरे में टिप्पणी करना आसान है, लेकिन सुरक्षा हटने के बाद बड़े-बड़े लोग भी ‘भीगी बिल्ली’ बन जाते हैं।

Yogi defends UP Police: बंद कमरों में टिप्पणी आसान, सुरक्षा हटते ही बदल जाता है रवैया-

सीएम योगी ने कहा कि बंद चैंबर में बैठकर चिंतन और टिप्पणी करना अलग बात है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति तभी आराम से चिंतन कर सकता है, जब उसके बाहर सुरक्षा का माहौल हो। सुरक्षा के बिना हर व्यक्ति खुद को बेबस महसूस करता है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति खुद को कितना भी बड़ा क्यों न समझे, अगर उसे सुरक्षा से बाहर कर दिया जाए तो उसे भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगती। योगी ने यूपी पुलिस के ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ थीम का भी जिक्र किया।

Yogi defends UP Police: 2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर योगी का हमला-

मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय माफिया और अपराधियों के सामने सत्ता में बैठे लोग घुटने टेकते थे। योगी ने कहा कि आज यूपी पुलिस की अलग पहचान बनी है और पुलिसकर्मियों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने राज्य में काम कर रहे सात पुलिस कमिश्नरेट का भी जिक्र किया।

FIR में आरोपी का नाम नहीं होने पर SC ने लगाई थी फटकार-

दरअसल, 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। मामला ऐसी FIR से जुड़ा था, जिसमें आरोपी को मौके पर पकड़े जाने के बावजूद शुरुआत में उसका नाम दर्ज नहीं किया गया था। कोर्ट ने पूछा कि जब आरोपी पकड़ा गया था तो FIR में उसे ‘अज्ञात’ क्यों बताया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा और जांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों का पुलिस पर भरोसा कैसे कायम रहेगा।

CBI को जांच सौंपने की बात तक पहुंचा मामला-

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक तौर पर यह भी कहा कि अगर यूपी पुलिस की जांच इसी तरह चलती रही तो आपराधिक मामलों की जांच CBI को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने यूपी पुलिस को भंग करने की संभावना का भी उल्लेख किया था।

अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार को घेरा-

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कोर्ट की टिप्पणी को आधार बनाकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

आतंकवाद प्रभावित इलाकों का भी किया जिक्र-

पुलिस सम्मान समारोह में योगी आदित्यनाथ ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रकाश सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने अपने छात्र जीवन का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उस समय यूपी का तराई क्षेत्र आतंकवाद के प्रभाव में था और भय का माहौल था। योगी ने प्रकाश सिंह के काम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने यूपी के अलावा असम, नागालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत राज्यों में भी सेवा दी। उन्होंने उनके अनुभव को देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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