UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव से पहले मुलाकातों और बयानों का दौर तेज हो गया है। इसी बीच सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सपा राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने के लिए जरूरी संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, बैठक में क्या बातचीत हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कौन हैं अब्बास अंसारी?
अब्बास अंसारी मऊ सदर से सुभासपा के विधायक हैं और वह पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मऊ सदर सीट से सुभासपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उस समय सुभासपा का सपा के साथ गठबंधन था। मौजूदा समय में अब्बास सुभासपा के विधायक हैं, जबकि उनके परिवार के दूसरे सदस्य समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं। अब्बास के चाचा अफजाल अंसारी सपा के सांसद हैं और उनके चचेरे भाई शोएब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी भी सपा विधायक हैं। यही वजह है कि सपा अध्यक्ष से अब्बास की मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
UP Politics: अखिलेश यादव से क्यों मिले अब्बास?
अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव की मुलाकात सपा मुख्यालय में हुई। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली। बैठक के बाद अब्बास ने मीडिया से बातचीत नहीं की। इसलिए मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है। इस मुलाकात का समय जरूर महत्वपूर्ण है। सपा राज्यसभा चुनाव में दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है और तीसरे प्रत्याशी को लेकर संख्या जुटाने की कवायद चल रही है। ऐसे में अब्बास की अखिलेश से मुलाकात को राज्यसभा चुनाव के नंबर गेम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बैठक में तीसरे प्रत्याशी या समर्थन को लेकर कोई फैसला हुआ।
राज्यसभा चुनाव का कनेक्शन
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया जा चुका है, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा है कि तीसरे प्रत्याशी के लिए पहले संख्या पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग वापस आना चाहते हैं और कुछ जगहों पर असंतोष है। ऐसे बयान के बीच अब्बास अंसारी की मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और बढ़ा दिया है।
UP Politics: ओम प्रकाश राजभर ने कसा तंज
अब्बास अंसारी की मुलाकात के बीच सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच जुबानी बयानबाजी भी चर्चा में है। अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर कोई ओम प्रकाश राजभर को वापस ले आए तो वह उन्हें फिर से ले लेंगे। इस पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश ने उन्हें ‘तलाक’ दे दिया है और उन्होंने भी उसे स्वीकार कर लिया है। राजभर का कहना था कि जब दोनों के बीच राजनीतिक संबंध खत्म हो चुके हैं तो वापस जाने का सवाल ही नहीं उठता।
UP Politics: अब्बास-राजभर-अखिलेश के बीच क्या समीकरण?
पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि अब्बास अंसारी मौजूदा समय में सुभासपा के विधायक हैं, जबकि पार्टी अध्यक्ष राजभर और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के राजनीतिक रास्ते अलग हैं। अब्बास की अखिलेश से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राज्यसभा चुनाव को लेकर संख्या और समर्थन का गणित महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए यह साफ तौर पर कहना संभव नहीं है कि अब्बास आगे सपा के साथ जाएंगे या राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। लेकिन उनकी अखिलेश से मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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