Abhijit Dipake: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन और CJP नेताओं की हिरासत का मामला अब रिहाई के बाद भी चर्चा में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है, जो उन्हें दोबारा प्रदर्शन करने से रोकता हो। उन्होंने आंदोलन जारी रखने की बात भी कही।
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके का बयान
अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने से संबंधित कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वे फिर सड़कों पर उतरेंगे। उनके इस बयान के बाद रिहाई की शर्तों और आगे के आंदोलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
Abhijit Dipake: मोदी और अमित शाह को लेकर क्या बोले?
मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल में डालने से भी आंदोलन रोकने का प्रयास सफल नहीं होगा। दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहाई
अभिजीत दीपके के साथ CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत से रिहा किया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद 50 हजार रुपये के जमानत-सह-मुचलके पर एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त के साथ उन्हें रिहा किया गया। दीपके का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने का बॉन्ड साइन नहीं किया।
Abhijit Dipake: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया है।
दादी के निधन के बाद गांव रवाना हुए दीपके
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने गांव के लिए रवाना हुए। उनकी दादी का निधन हो गया था और उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होना था। नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारी के बीच भी आंदोलन जारी रहेगा। अब CJP के अगले कदम और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उसके आगे के कार्यक्रम पर नजर रहेगी।
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