Dharmendra Pradhan: पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विरोध प्रदर्शनों और विपक्ष के रुख को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। प्रधान ने आरोप लगाया कि छात्र हितों और व्यवस्था में सुधार के नाम पर शुरू हुए आंदोलनों के पीछे देश में अराजकता फैलाने की मंशा है। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही संभव है और देश की जनता किसी भी अलोकतांत्रिक सोच को स्वीकार नहीं करेगी।
Dharmendra Pradhan: ‘छात्रों की आड़ में हो रही अराजकता फैलाने की कोशिश’-
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देशहित और व्यवस्था में सुधार के दावों के साथ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों का असली चरित्र अब सामने आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘रिजीम चेंज’ और बांग्लादेश जैसे घटनाक्रमों से प्रेरणा लेने की बातें इन आंदोलनों के उद्देश्य पर सवाल खड़े करती हैं। प्रधान के मुताबिक, छात्र हितों की आड़ में देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे देश को अस्थिर करने का प्रयास बताया।
Dharmendra Pradhan: ‘भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही होगा सत्ता परिवर्तन’-
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विदेशी ताकतों के सहारे सत्ता हासिल करने का सपना देखने वालों को यह समझना चाहिए कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही संभव है। उन्होंने कहा कि देश की जनता किसी भी अलोकतांत्रिक सोच या साजिश को स्वीकार नहीं करेगी। प्रधान ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश के सम्मान को जरूरी बताते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी पर चुनावी हार के बाद जनादेश का सम्मान न करने का आरोप-
राहुल गांधी पर हमला तेज करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि बार-बार चुनावी हार का सामना करने के बावजूद वह जनता के जनादेश का सम्मान नहीं कर रहे हैं। प्रधान ने कहा कि चुनावों में मनचाहे परिणाम नहीं मिलने पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा करना कांग्रेस की पुरानी रणनीति रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता को परेशान करना और संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
‘संविधान लेकर चलने वाले राहुल गांधी संवैधानिक मर्यादाएं तोड़ रहे’-
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से संविधान लेकर चलते हैं, लेकिन उनके आचरण से जनादेश और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान नहीं दिखाई देता। उन्होंने राहुल गांधी के रवैये की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के प्रति शर्मनाक बताया। प्रधान ने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
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