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‘देश की संस्कृति नष्ट करना चाहते हैं प्रदर्शनकारी’, RSS महिला संगठन प्रमुख ने क्या कहा?

V. Shantakumari statement: नागपुर में विजयादशमी उत्सव के दौरान वी. शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सलवाद’ युवाओं और महिलाओं को प्रभावित कर रहा है।

शांताकुमारी ने दिया बड़ा बयान 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े महिला संगठन राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख वी. शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना और भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाना है। शांताकुमारी ने युवाओं, खासकर जेन-Z को प्रभावित करने वाले विचारों के संदर्भ में ‘दिमागी नक्सलवाद’ शब्द का भी इस्तेमाल किया।

शांताकुमारी ने ये बातें 16 अक्टूबर को नागपुर में राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि देश अराजकता की स्थिति का सामना कर रहा है।

V. Shantakumari statement: ‘दिमागी नक्सलवाद जेन-Z का ब्रेनवॉश कर रहा’

शांताकुमारी ने कहा कि ‘दिमागी नक्सलवाद’ जहरीले विचारों का एक खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम है। उनके मुताबिक, यह जेन-Z का ब्रेनवॉश कर रहा है और युवाओं तथा महिलाओं के मन में अशांति पैदा कर उन्हें भड़काने का काम कर रहा है। उन्होंने जंतर-मंतर पर लगातार हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य समाज में रचनात्मक बदलाव लाना नहीं, बल्कि देश की संस्कृति को नष्ट करना है।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों के उद्देश्य और उनके पीछे कथित विचारधारा को लेकर शांताकुमारी ने जो दावे किए, वे उनके बयान हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का पक्ष और उपलब्ध साक्ष्य देखना जरूरी है।

 क्या है राष्ट्र सेविका समिति?

राष्ट्र सेविका समिति एक महिला संगठन है, जिसे RSS से जुड़ा संगठन माना जाता है। वी. शांताकुमारी को ‘शांताक्का’ के नाम से भी जाना जाता है। नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव के दौरान संगठन की पदाधिकारियों और अतिथियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान शस्त्रपूजन और विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन भी हुआ।

V. Shantakumari statement
                                                 V. Shantakumari statement
V. Shantakumari statement: ‘दिमागी नक्सली’ शब्द को लेकर क्या है संदर्भ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा था कि देश जंगलों में सक्रिय सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे बढ़ा है, लेकिन उनके मुताबिक, नक्सली विचारधारा अब भी एक चुनौती है। शांताकुमारी के बयान में भी इसी शब्द का इस्तेमाल जेन-Z, युवाओं और महिलाओं पर कथित वैचारिक प्रभाव के संदर्भ में किया गया। उनके बयान से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों और उन्हें लेकर वैचारिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

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