Khabar India Report: राजनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों के बीच बहस कई बार तीखे टकराव का रूप ले लेती है। वंदे मातरम, तिरंगे के सम्मान, वोट चोरी के आरोप, कश्मीर, चीन और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका जैसे मुद्दों को लेकर भी ऐसा ही माहौल देखने को मिला। ख़बर इंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में इन विषयों पर लोगों के बीच तीखी बहस सामने आई। इस दौरान कुछ लोगों ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए, तो कुछ ने बीजेपी और केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर सवाल किए। बहस में चुनाव आयोग, अनुच्छेद 370, कश्मीरी हिंदुओं और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाले लोगों को लेकर भी कई दावे किए गए।
Khabar India Report: वंदे मातरम और तिरंगे को लेकर आमने-सामने आए लोग
बहस की शुरुआत वंदे मातरम और देशभक्ति के मुद्दे से होती दिखाई देती है। एक पक्ष ने कांग्रेस पर वंदे मातरम का विरोध करने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने तिरंगे के सम्मान और उसे फहराने के इतिहास का जिक्र किया। इस दौरान राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी की गई। एक व्यक्ति ने तंज कसते हुए कहा कि चोरी हुई है, लेकिन राहुल गांधी के दिमाग की चोरी हुई है। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने सवाल उठाए और अपनी बात रखने की कोशिश की।बहस में तिरंगे के आकार और उसके इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किए गए। एक व्यक्ति ने पूछा कि जब यहां तिरंगा फहराया जा रहा है, तो इतने बड़े झंडे को लेकर आपत्ति क्यों की जा रही है। वहीं, दूसरे व्यक्ति ने सवाल किया कि अगर लोग तिरंगे के सम्मान की बात करते हैं, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जाकर तिरंगा क्यों नहीं फहराते। इसके जवाब में कहा गया कि दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले लोगों को पहले अपने देश के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा फहराने के इतिहास पर उठे सवाल
बहस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर स्थित मुख्यालय में तिरंगा फहराने के इतिहास का मुद्दा भी उठा। एक व्यक्ति ने दावा किया कि आरएसएस ने लंबे समय तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया था और 2002 में जाकर वहां तिरंगा फहराया गया। उसने सवाल किया कि देश की आजादी के कई दशक बाद तक ऐसा नहीं करने वालों की देशभक्ति पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते।दूसरी ओर, एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1992 में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का जिक्र किया। इस पर जवाब देते हुए आरएसएस मुख्यालय और बीजेपी कार्यालय में तिरंगे की स्थिति को लेकर फिर से सवाल किए गए। कांग्रेस कार्यालय में तिरंगे और पार्टी के झंडे की स्थिति का मुद्दा भी उठा। हालांकि, इन दावों पर बहस के दौरान कोई सर्वमान्य निष्कर्ष सामने नहीं आया।
Khabar India Report: वोट चोरी के आरोप और चुनाव आयोग पर सवाल
इसके बाद बहस का रुख वोट चोरी के आरोपों की ओर मुड़ गया। एक व्यक्ति ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वोट चोरी के आरोपों के बीच उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। इसके जवाब में दूसरे व्यक्ति ने पूछा कि वोट चोरी किस तरह हुई, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।बहस में मतदाता सूची से नाम कटने का मुद्दा भी उठा। एक व्यक्ति ने दावा किया कि 47 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। इसके जवाब में दूसरे व्यक्ति ने सवाल किया कि अगर इतने बड़े पैमाने पर वोट कटे हैं, तो प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस पर जवाब दिया गया कि जब आंदोलन करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, तो लोग एक जगह कैसे इकट्ठा होंगे।इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। हालांकि, वीडियो में वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर भी हुई तीखी टिप्पणी
बहस के दौरान कांग्रेस की राजनीति और राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। एक व्यक्ति ने कांग्रेस पर वंदे मातरम का विरोध करने का आरोप लगाया और पूछा कि पार्टी देशभक्ति के मुद्दे पर क्या जवाब देगी। इस पर दूसरे पक्ष ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन चर्चा बार-बार व्यक्तिगत टिप्पणियों और आरोपों की ओर मुड़ती रही।कुछ लोगों ने देश में हिंदू-मुस्लिम मुद्दों और कश्मीर की स्थिति का भी जिक्र किया। इस दौरान कश्मीरी हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया गया और सवाल किया गया कि उस समय इस विषय पर आवाज क्यों नहीं उठाई गई। बहस में इस मुद्दे को लेकर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
Khabar India Report: संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर उठे सवाल
वीडियो में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की भूमिका को लेकर भी बहस हुई। एक व्यक्ति ने सवाल किया कि भारत के आंतरिक मामलों में संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करने का अधिकार क्यों होना चाहिए। उसने इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का जिक्र करते हुए पूछा कि उन घटनाओं के समय संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को लेकर ऐसे सवाल क्यों नहीं उठाए गए।इसके जवाब में दूसरे व्यक्ति ने प्रदर्शन के बाद हुई गिरफ्तारियों का जिक्र किया और दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र ने गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग की थी। इस पर फिर सवाल किया गया कि किसी देश के आंतरिक मामले में अंतरराष्ट्रीय संस्था का हस्तक्षेप किस आधार पर उचित है।बहस में अनुच्छेद 370 का विरोध करने वाले लोगों का भी जिक्र हुआ। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि देश में अलग-अलग तरह के झंडों और विचारों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और संबंधित घटनाओं को लेकर वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
चीन को वीटो का अधिकार मिलने पर नेहरू और मोदी का जिक्र
बहस आगे बढ़ी तो चीन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो का अधिकार मिलने का मुद्दा भी सामने आया। एक व्यक्ति ने इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनके फैसले के कारण चीन को यह अधिकार मिला, जबकि भारत को नहीं मिला।दूसरी ओर, भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और वीटो का अधिकार नहीं मिलने को लेकर सवाल किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए गए कि भारत को यह अधिकार क्यों नहीं मिला। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता और वीटो अधिकार से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई।इसके साथ ही चीन को भारतीय जमीन दिए जाने का आरोप भी लगाया गया। इस पर एक व्यक्ति ने तंज कसते हुए कहा कि अगर जमीन देना सही है, तो अपनी जमीन भी दे दीजिए। इस टिप्पणी के बाद बहस और तीखी हो गई।
Khabar India Report: सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों पर लगाए पैसे लेने के आरोप
वीडियो के आखिरी हिस्से में कुछ लोगों ने प्रदर्शन में शामिल लोगों और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वालों को निशाना बनाया। एक व्यक्ति ने दावा किया कि कुछ लोग पैसे लेकर रील बना रहे हैं। उसने पहले प्रति रील 500 रुपये मिलने की बात कही और बाद में 35,000 रुपये प्रति रील मिलने का आरोप लगाया।उसने यह भी कहा कि कुछ लोग पहले वहां से चले गए थे और फिर वापस आ गए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वालों के काम और उनकी कमाई को लेकर तंज कसे गए। एक व्यक्ति ने दावा किया कि एक रील बनाने के लिए 35,000 रुपये दिए जा रहे हैं और कुछ लोग ऐसी कई रील बनाकर लाखों रुपये कमा रहे हैं।हालांकि, वीडियो में इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए रील बनाने के लिए पैसे दिए जाने और बताई गई रकम को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
कई राजनीतिक मुद्दों पर दिखा टकराव
ख़बर इंडिया के इस वीडियो में वंदे मातरम, तिरंगे, कांग्रेस-बीजेपी की राजनीति, वोट चोरी के आरोप, कश्मीर, चीन और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका जैसे मुद्दों पर लोगों के अलग-अलग विचार सामने आए। कई मौकों पर सवाल-जवाब के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियां और आरोप भी सुनाई दिए। वीडियो में किए गए सभी दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं, इसलिए उन्हें संबंधित लोगों के आरोपों और बयानों के रूप में ही समझना चाहिए।








