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लंदन में ध्रुव राठी के प्रदर्शन में निशाने पर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त! पाकिस्तानियों ने क्यों मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा?

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Protest: भारत में कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी की ओर से लंदन में आयोजित प्रदर्शन इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। दरअसल, 17 अक्टूबर 2026 को लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास हुए इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। इस बीच, प्रदर्शन में पाकिस्तानी नागरिकों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से जुड़े झंडों की मौजूदगी को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है।

ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ हुआ प्रदर्शन

ध्रुव राठी ने भारत की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विभिन्न भारतीय छात्र संगठनों और प्रवासी भारतीय समूहों से जुड़े लोगों ने भी इसमें भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए और भारतीय चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शन में पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी का दावा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से जुड़े झंडे दिखाई देने का दावा किया गया। कुछ पोस्ट में भारतीय तिरंगे जमीन पर पड़े होने की बात भी कही गई है। रिपोर्ट में पाकिस्तानी नागरिकों और बांग्लादेशी नागरिकों के प्रदर्शन में शामिल होने का भी उल्लेख है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर नहीं की जा सकती।

Protest: ध्रुव राठी के पास नजर आए पाकिस्तानी पत्रकार

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ARY News से जुड़े और ब्रिटेन में कार्यरत संवाददाता फरीद अहमद कुरैशी भी प्रदर्शन स्थल पर ध्रुव राठी के नजदीक दिखाई दिए। बताया गया है कि वह 17 अक्टूबर को महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे। इस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसके बाद प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान और कार्यक्रम के उद्देश्य को लेकर बहस शुरू हो गई।

पाकिस्तानी नागरिक ने भी जताया समर्थन

रिपोर्ट में आमिर हाशमी नाम के एक व्यक्ति का भी उल्लेख किया गया है, जिसने स्वयं को पाकिस्तानी बताया। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक मुद्दों को लेकर टिप्पणी की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो संभवतः अगस्त 2026 का पुराना वीडियो हो सकता है, जबकि उससे जुड़ी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने फिर से ध्यान आकर्षित किया।

लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में ध्रुव राठी के कार्यक्रम के दौरान मोदी समर्थकों का एक छोटा समूह भी विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा। इस समूह के लोगों ने भारतीय तिरंगा लहराया और ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘भारत माता की जय’ जैसे नारे लगाए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी भी हुई। इस तरह भारत में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।

Protest: SIR प्रक्रिया को लेकर जारी है विवाद

भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। आलोचक इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जता रहे हैं, जबकि निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए मृत, स्थानांतरित, दोहराव वाले और अन्य अपात्र नामों की पहचान करना आवश्यक है। लंदन में हुआ यह प्रदर्शन भी इसी विवाद से जुड़ा था। हालांकि, प्रदर्शन में पाकिस्तानी नागरिकों की कथित भागीदारी और PoK से जुड़े झंडों की मौजूदगी के दावों को लेकर अलग से स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

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