Aditi Yadav Controversy: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव (23) के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के मामले में गुरुवार को कानपुर और प्रतापगढ़ में एफआईआर दर्ज की गई।कानपुर में भारत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, जबकि प्रतापगढ़ में “शीतला सुजान कवि” नाम की सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन लोगों ने अदिति यादव के बारे में गलत और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की, जिससे अखिलेश यादव और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ओम प्रकाश राजभर ने जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने लिखा कि अदिति यादव उनकी भी बेटी के समान हैं और उनके खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां बेहद शर्मनाक हैं। राजभर ने कहा कि ऐसी हरकत करने वालों की निंदा की जानी चाहिए।
हालांकि उन्होंने अखिलेश यादव और सपा कार्यकर्ताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें भी आत्ममंथन करना चाहिए। राजभर का दावा था कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ भी सोशल मीडिया पर लगातार अपमानजनक बातें लिखी जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है इस तरह की हरकत करने वालों में कोई सपा समर्थक ही शामिल हो।

भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने भी की कार्रवाई की मांग
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने भी इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक नेता की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर अपमानजनक बातें फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए और पूरे समाज को ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रहे अदिति यादव के जूनियर आदर्श यादव ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर वायरल दावों को गलत बताया।उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि अदिति लंदन की किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं और लापता हैं, जबकि यह पूरी तरह गलत है। आदर्श के अनुसार, अदिति पिछले एक वर्ष से दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में कानून की पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन दिनों विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं और उनकी अदिति से नियमित मुलाकात होती है। इसलिए उनके गायब होने की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं।
राजभर ने सपा पर साधा निशाना
अपने विस्तृत बयान में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अदिति के खिलाफ की गई टिप्पणियां न केवल गलत हैं बल्कि गंभीर अपराध भी हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सपा से जुड़े लोग अक्सर सोशल मीडिया पर दूसरों की जाति, रंग, पहनावे, आस्था और पेशे का मजाक उड़ाते हैं। राजभर ने कहा कि वह स्वयं भी ऐसी टिप्पणियों का सामना कर चुके हैं।
उन्होंने दावा किया कि अदिति यादव के खिलाफ चलाए गए अभियान के पीछे भी किसी सपा समर्थक का हाथ हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति विभिन्न नेताओं के पुराने बयानों को भी देखा जाना चाहिए।अपने संदेश के अंत में उन्होंने अदिति यादव के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि उनके खिलाफ हुई टिप्पणी से उन्हें दुख और शर्मिंदगी महसूस हो रही है।
Aditi Yadav Controversy: कानपुर में कैसे दर्ज हुई FIR?
कानपुर में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला की छवि खराब करने, धोखाधड़ी, जालसाजी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
एफआईआर के अनुसार, भरत कुमार पटेल नाम की सोशल मीडिया आईडी से अदिति यादव को लेकर एक पोस्ट साझा की गई थी।पोस्ट में दावा किया गया था कि अखिलेश यादव राम मंदिर में कथित चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि उनकी बेटी, जो कथित रूप से लंदन में पढ़ाई कर रही हैं, कई दिनों से लापता हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अदिति यादव और एक अज्ञात व्यक्ति की तस्वीर को संपादित (एडिट) करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो पूरी तरह फर्जी थी।प्रवीण यादव का कहना है कि किसी सम्मानित परिवार की बेटी के बारे में इस तरह की झूठी और अपमानजनक सामग्री फैलाना गंभीर अपराध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पोस्ट पर नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव ने भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
प्रतापगढ़ में भी दर्ज हुई शिकायत
प्रतापगढ़ में सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने शिकायत दर्ज कराई।उन्होंने आरोप लगाया कि “शीतला सुजान कवि पत्रकार” नाम की एक फर्जी फेसबुक आईडी से अदिति यादव के बारे में गलत और आपत्तिजनक बातें फैलाई जा रही हैं।
शिकायत में कहा गया है कि इन पोस्टों से एक महिला की गरिमा, सम्मान और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही इससे समाज में भ्रम और तनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
Aditi Yadav Controversy: आदर्श यादव ने क्या कहा?
आदर्श यादव ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं।उन्होंने कहा कि वह स्वयं दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में पढ़ते हैं और अदिति से नियमित रूप से मिलते हैं। उनके अनुसार, अदिति अपने परिवार से मिले संस्कारों और नैतिक मूल्यों का पालन करती हैं तथा छात्रों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करती हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि अदिति के गायब होने का दावा पूरी तरह निराधार है।
विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं
राजेश्वर सिंह (भाजपा विधायक)
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन किसी की बेटी या परिवार को झूठे आरोपों और अपमान का निशाना बनाना सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
राजीव राय (सपा सांसद)
राजीव राय ने कहा कि यह राजनीति का बेहद निम्न स्तर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर अदिति यादव के खिलाफ गंदे और भद्दे पोस्ट किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक पुलिस की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पवन पांडेय (पूर्व मंत्री और सपा नेता)
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने तथ्यों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों का रास्ता चुना। उनके अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक परिवार पर नहीं बल्कि प्रदेश की हर बेटी और महिला के सम्मान पर हमला है।
आनंद भदौरिया (सपा सांसद)
उन्होंने कहा कि किसी बेटी के चरित्र पर सवाल उठाना कायरता है। उन्होंने चेतावनी दी कि झूठी कहानियां फैलाकर किसी को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।
रागिनी सोनकर (सपा विधायक)
उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल नारा बनकर रह गया है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर हो रही अशोभनीय टिप्पणियों को रोकने और दोषियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा।
मामला क्या है?
पूरा विवाद सोशल मीडिया पर अदिति यादव के बारे में किए गए कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्टों से शुरू हुआ। इन पोस्टों को लेकर कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।








