Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उत्तर कश्मीर स्थित बालटाल आधार शिविर का दौरा कर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और तीर्थयात्रियों के लिए किए जा रहे प्रबंधों का आकलन किया। उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उनका विश्वास है कि इस वर्ष की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर प्रबंधन वाली होगी।
Amarnath Yatra: स्वच्छ यात्रा के लिए नई पहल की शुरुआत
बालटाल आधार शिविर में उपराज्यपाल ने ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय की शुभम-शिवम मुहिम का भी शुभारंभ किया। उन्होंने इसे स्वच्छ, टिकाऊ और कचरा मुक्त अमरनाथ यात्रा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर यात्रा की नई वेबसाइट, आधिकारिक थीम गीत, प्रतीक चिह्न और शुभंकर का भी अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी और स्वयंसेवक इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो पूरे यात्रा मार्ग को साफ और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
तीन जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर अट्ठाईस अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी। समुद्र तल से लगभग तीन हजार आठ सौ अस्सी मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा अनंतनाग जिले के हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग या अपेक्षाकृत छोटे बालटाल मार्ग के माध्यम से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। पहलगाम मार्ग से यात्रा में लगभग चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से श्रद्धालु एक ही दिन में दर्शन कर वापस लौट सकते हैं।
Amarnath Yatra: यात्रा मार्ग रहेगा उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक पूरे यात्रा मार्ग को उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। इसके कारण यात्रा अवधि में हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, जिससे इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल तरीके से संपन्न हो सके।








