Up Politics: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाए। इसके जवाब में बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना बंद करना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने के दौरान सपा की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
एमएलसी चुनाव के बाद क्यों गरमाई सियासत?
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल थीं। मतदान के दौरान कई जिलों से सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़प की खबरें सामने आईं। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
Up Politics: अखिलेश यादव ने लगाए वोट चोरी के आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव में धांधली और वोटों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। इटावा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को वोट चोरी की कला सिखाने के लिए एक विश्वविद्यालय खोलना चाहिए और कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम तीन साल का कोर्स चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चोरी से लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश पर किया पलटवार
अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची तैयार की जा रही थी, तब अखिलेश यादव और उनके बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की भूमिका क्या थी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव साढ़े चार साल तक कुंभकर्ण की तरह सोते रहते हैं और चुनाव आते ही जागते हैं।
Up Politics: हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का आरोप
बीजेपी प्रवक्ता ने अखिलेश यादव पर जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पढ़े-लिखे और प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े होते हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ेगा।
सपा और बीजेपी के बीच बढ़ी बयानबाजी
एमएलसी चुनाव को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में जारी टकराव को दिखाते हैं। अखिलेश यादव ने आगरा, फतेहपुर, गोरखपुर और जौनपुर समेत कई क्षेत्रों में चुनावी अनियमितताओं की शिकायतों का जिक्र किया। वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों के जवाब में सपा की चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची से जुड़े काम पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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