Ayodhya Saints: जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा लव जिहाद, भूमि अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों को लेकर दिए गए बयान के बाद अयोध्या के कई प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने उनका समर्थन किया है। संतों का कहना है कि मथुरा, काशी और संभल सनातन परंपरा और हिंदू समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने इन स्थलों से जुड़े मामलों में संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने की बात कही है।
परमहंस आचार्य ने सनातन संस्कृति की पहचान बताया
जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि भारत की मूल पहचान सनातन संस्कृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल सनातन परंपरा के प्रतीक हैं। उनके अनुसार मथुरा, काशी और संभल जैसे स्थान हिंदू समाज की आस्था के केंद्र रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्थलों से जुड़े मुद्दों का समाधान कानून और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए तथा समाज इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा।
Ayodhya Saints: संवैधानिक दायरे में संघर्ष की बात
महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि मथुरा, काशी और संभल को लेकर समाज अपनी भावनाओं और अधिकारों को संवैधानिक तरीके से प्रस्तुत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अवैधानिक गतिविधि का समर्थन नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि यदि आवश्यकता पड़ी तो न्यायालय और अन्य वैधानिक मंचों पर भी अपनी बात रखी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए समाज अपने पक्ष को मजबूती से रख सकता है।
भूमि अतिक्रमण के मुद्दे पर उठाए सवाल
महंत डॉ. देवेशाचार्य ने भूमि अतिक्रमण के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करने की मांग की, ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
Ayodhya Saints: महंत सीताराम दास ने भी किया समर्थन
महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि मथुरा, काशी और संभल सनातन संस्कृति की पहचान हैं और इनसे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह भविष्य में भी समाज अपनी आस्था से जुड़े मुद्दों को संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रयास कानून के दायरे में रहकर किए जाएंगे और समाज अपने संकल्प को आगे बढ़ाता रहेगा।
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