Bakrid Taj Mahal Namaz: मोहब्बत की नगरी आगरा में इस बार बकरीद का त्योहार सिर्फ धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का अनोखा संदेश भी देता दिखाई दिया। गुरुवार सुबह विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की शाही मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे माहौल में अपनापन और भाईचारे की झलक दिखाई दी।
मुस्लिम महापंचायत की अनोखी पहल
बकरीद के मौके पर ईदगाह के बाहर उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत की ओर से एक अलग और खास पहल देखने को मिली। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर पहुंचे, जिन पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग लिखी हुई थी। इस पहल ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और समाज में सौहार्द का संदेश दिया।महापंचायत के सरपंच नदीम नूर और पदाधिकारी अमजल कुरैशी ने कहा कि गाय देश की संस्कृति, आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस्लाम भी इंसानियत, सम्मान और भाईचारे का पैगाम देता है और मुसलमान कभी भी गाय के अपमान का समर्थन नहीं करते। उनका कहना था कि समाज में नफरत फैलाने वालों से बचते हुए आपसी विश्वास और एकता को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
Bakrid Taj Mahal Namaz: गौ तस्करी और अत्याचार रोकने की मांग
मुस्लिम महापंचायत ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश में गौ तस्करी और गायों के साथ हो रहे अत्याचार पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर उसके संरक्षण और सम्मान को सुनिश्चित किया जाए। पंचायत के नेताओं ने आगरा की गंगा-जमुनी तहजीब का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
Bakrid Taj Mahal Namaz: ताजमहल में रही विशेष व्यवस्था
ईद-उल-अजहा के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से ताजमहल में सुबह तीन घंटे तक पर्यटकों और नमाजियों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई। सुबह सात बजे से दस बजे तक टिकट विंडो बंद रखी गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग आसानी से नमाज़ अदा कर सके। इस दौरान देशी और विदेशी पर्यटकों की भी भारी भीड़ देखने को मिली।बकरीद के मौके पर ताजमहल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की गई। वहीं सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर बनी रही, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था फैलने न पाए।तेज गर्मी और धूप के बावजूद लोगों में त्योहार को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बकरीद के इस खास मौके पर आगरा से एक बार फिर भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का मजबूत संदेश पूरे देश तक पहुंचा।








