Bankipur By Election: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान के बीच राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया, जब पटना के भूपतिपुर इलाके में एक मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और जन सुराज पार्टी के नेताओं एवं समर्थकों के बीच विवाद हो गया। बूथ निरीक्षण के दौरान शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और नारेबाजी में बदल गई। इस घटना के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण मतदान में सहयोग करने की अपील की।
बूथ निरीक्षण के दौरान बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, भूपतिपुर स्थित मतदान केंद्र पर जन सुराज के नेता और कार्यकर्ता बूथ स्तर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा समर्थक भी वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की में बदल गई। इस दौरान पूर्व विधायक और जन सुराज नेता किशोर कुमार मुन्ना को धक्का लगने की बात सामने आई। घटना के बाद दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य किया।
Bankipur By Election: जन सुराज ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद किशोर कुमार मुन्ना ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना सुनियोजित थी और भाजपा समर्थकों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की। वहीं, प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मतदान से एक दिन पहले भी जन सुराज के कई नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद प्रशांत किशोर पुलिस स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों से जवाब मांग चुके थे।
बांकीपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव इस बार बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस सीट पर भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। जन सुराज की ओर से पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, जो उनका पहला चुनावी मुकाबला है। चुनाव प्रचार के दौरान भी भाजपा और जन सुराज के बीच पोस्टर फाड़ने, कार्यकर्ताओं को परेशान करने और प्रशासनिक पक्षपात जैसे आरोप लगते रहे हैं। मतदान के दिन हुई यह घटना चुनावी मुकाबले की संवेदनशीलता और राजनीतिक तनाव को भी दर्शाती है।
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