Batwara 1947: 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दो बहुप्रतीक्षित फिल्मों के बीच जबरदस्त बॉक्स ऑफिस क्लैश देखने को मिलने वाला है। एक ओर सनी देओल की पीरियड ड्रामा फिल्म ‘बटवारा 1947’ रिलीज हो रही है, तो दूसरी तरफ इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘आवारापन 2’ दस्तक देने जा रही है। दोनों फिल्मों की कहानी, जॉनर और ऑडियंस बिल्कुल अलग है, लेकिन इस मुकाबले में एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके लिए यह क्लैश किसी फायदे के सौदे से कम नहीं है।वो अभिनेत्री हैं बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा शबाना आजमी। खास बात यह है कि शबाना आजमी दोनों ही फिल्मों में बेहद अहम और एक-दूसरे से बिल्कुल अलग किरदार निभा रही हैं। यानी 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल और इमरान हाशमी आमने-सामने होंगे, लेकिन इस टक्कर का सबसे दिलचस्प फायदा शबाना आजमी को मिलने वाला है।
‘बटवारा 1947’ में ममता और दर्द से भरा किरदार
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी ‘बटवारा 1947’ में शबाना आजमी ‘माई’ नाम की एक बुजुर्ग हिंदू महिला का किरदार निभा रही हैं। कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां उनका परिवार और उनका घर बंटवारे की त्रासदी के बीच फंस जाता है।फिल्म में सनी देओल का परिवार उनकी हवेली में आकर रहता है और इसके बाद कहानी कई भावनात्मक मोड़ लेती है। शबाना आजमी का किरदार फिल्म में ममता, दर्द और बंटवारे की पीड़ा को सामने लाने वाला बताया जा रहा है। सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल और करण देओल जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म लंबे समय से चर्चा में है।गौर करने वाली बात यह भी है कि फिल्म का नाम पहले ‘लाहौर 1947’ रखा गया था, जिसे बाद में बदलकर ‘बटवारा 1947’ कर दिया गया।
Batwara 1947: ‘आवारापन 2’ में पहली बार खतरनाक विलेन बनीं शबाना
वहीं ‘आवारापन 2’ में शबाना आजमी का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आने वाला है। इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर इस फिल्म में वह ‘नफीसा’ नाम का किरदार निभा रही हैं, जो अंडरवर्ल्ड की दुनिया से जुड़ा एक बेहद दबंग और खतरनाक कैरेक्टर है।सबसे खास बात यह है कि अपने पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में शबाना आजमी पहली बार किसी फिल्म में नेगेटिव किरदार निभाती नजर आएंगी। उनका किरदार इमरान हाशमी के किरदार शिवम की जिंदगी में बड़ी मुश्किलें खड़ी करता है। ऐसे में फिल्म में उनका रोल कहानी को किस दिशा में ले जाता है, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।शबाना आजमी के लिए 14 अगस्त इसलिए भी खास होने वाला है क्योंकि एक ही दिन उनकी दो फिल्मों के जरिए दर्शकों को उनके अभिनय के दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिलेंगे। एक तरफ वह ‘बटवारा 1947’ में ममता और भावनाओं से भरी बुजुर्ग महिला के किरदार में दिखाई देंगी, तो दूसरी तरफ ‘आवारापन 2’ में एक खतरनाक विलेन के रूप में नजर आएंगी।खुद शबाना आजमी भी दोनों फिल्मों की एक साथ रिलीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इसे एक अच्छा इत्तेफाक बताते हुए कहा है कि उन्हें अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने का मौका मिल रहा है और इसके लिए वह आभारी हैं।
Batwara 1947: बॉक्स ऑफिस क्लैश पर क्या बोलीं शबाना आजमी?
जब शबाना आजमी से पूछा गया कि वह दोनों फिल्मों में से किसे बॉक्स ऑफिस पर सफल होते देखना चाहती हैं, तो उन्होंने बेहद दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह उनसे उनके बच्चों में से किसी एक को चुनने के लिए कहने जैसा है। वह चाहती हैं कि दोनों फिल्में दर्शकों पर असर छोड़ें।शबाना आजमी ने यह भी साफ कहा कि बॉक्स ऑफिस किसी के कंट्रोल में नहीं होता। ऐसे में दोनों फिल्मों की रिलीज के बाद दर्शकों का रिस्पॉन्स ही तय करेगा कि किस फिल्म को ज्यादा प्यार मिलता है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, शबाना आजमी ने ‘बटवारा 1947’ के लिए करीब 3 करोड़ रुपये फीस ली है। वहीं ‘आवारापन 2’ के लिए उनकी फीस 2 से 5 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। हालांकि, इन फीस के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जीत किसी की भी हो, चर्चा शबाना आजमी की तय!
अब 14 अगस्त को असली मुकाबला सनी देओल की ‘बटवारा 1947’ और इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ के बीच होगा। दोनों फिल्मों का जॉनर अलग है और दोनों की अपनी-अपनी ऑडियंस है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर कौन बाजी मारेगा, यह तो रिलीज के बाद ही पता चलेगा।लेकिन एक बात अभी से तय मानी जा सकती है इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में शबाना आजमी सबसे दिलचस्प स्थिति में हैं। उनकी दोनों फिल्में रिलीज हो रही हैं और दोनों में उन्हें बिल्कुल अलग अंदाज में देखने का मौका मिलेगा। अगर दोनों फिल्मों को दर्शकों का प्यार मिला, तो यह क्लैश शबाना आजमी के शानदार करियर के लिए भी एक यादगार पड़ाव साबित हो सकता है।
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