Bihar News: विदेश मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि केवल यात्रा दस्तावेज है, इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए नागरिकता साबित करने वाले वैध दस्तावेज को लेकर जवाब मांगा है।
रोहिणी आचार्य ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछा कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई भी नागरिकता का वैध प्रमाण नहीं है, तो केंद्र सरकार बताए कि आखिर कौन-सा दस्तावेज नागरिकता का प्रमाण माना जाएगा।
Bihar News: ‘क्या बीजेपी का सदस्यता कार्ड ही वैध प्रमाण है?’
रोहिणी आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि यदि बाकी सभी दस्तावेज नागरिकता साबित नहीं करते, तो क्या मोदी सरकार अप्रत्यक्ष रूप से यह कहना चाहती है कि केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता का कार्ड ही नागरिकता साबित करने का वैध दस्तावेज है।
दस्तावेजों के औचित्य पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए बाध्य किया जाता है और इनके आवेदन पत्रों में नागरिकता संबंधी कॉलम भी होता है, तो फिर इन दस्तावेजों का औचित्य क्या रह जाता है।
Bihar News: RJD ने भी सरकार को घेरा
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नागरिकता के लिए कौन-से दस्तावेज वैध माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि आधार और अब पासपोर्ट को भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा रहा है, तो सरकार देशवासियों को स्पष्ट जवाब दे कि आखिर नागरिकता सिद्ध करने के लिए कौन-सा दस्तावेज स्वीकार्य होगा।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा था?
14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। हालांकि यह केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन अपने आप में यह नागरिकता स्थापित करने वाला कानूनी प्रमाण पत्र नहीं माना जाता। इसी बयान के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार से नागरिकता संबंधी नियमों पर स्पष्टता की मांग तेज कर दी है।








