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कौन हैं भारतीय पायलट स्मित मच्छार? फ्लाईदुबई की उड़ान में कैसे टला बड़ा हादसा, 174 यात्रियों की बची जान

कौन हैं कैप्टन स्मित माछर, जानें पूरी कहानी

Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उस समय गंभीर स्थिति बन गई, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट में को-पायलट और कैप्टन स्मित माछर के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि को-पायलट विमान के कंट्रोल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने और उसे तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसने कैप्टन माछर पर चाकू से हमला कर दिया।हमले में कैप्टन के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान का नियंत्रण हमलावर के हाथ में पूरी तरह जाने से रोके रखा। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और दूसरे क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। बाद में विमान की सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।इस घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की काफी चर्चा हुई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी भूमिका की तारीफ की। आइए जानते हैं कैप्टन स्मित माछर कौन हैं और फ्लाइट में उस समय क्या हुआ था।

Captain Smit Machchhar: कौन हैं कैप्टन स्मित माछर?

कैप्टन स्मित माछर एक अनुभवी भारतीय पायलट हैं। वह दुबई की एयरलाइन फ्लाईदुबई में बोइंग 737 विमानों के डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में काम करते हैं।फ्लाईदुबई से पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट के साथ जुड़े रहे। उन्होंने 2011 से 2022 तक स्पाइसजेट में काम किया और जून 2022 में फ्लाईदुबई जॉइन की।स्पाइसजेट में उन्होंने कमांड के तौर पर 6,400 से अधिक घंटे उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने लाइन ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर की जिम्मेदारियां भी संभालीं। वह नए पायलटों को प्रशिक्षण देने और उनका मार्गदर्शन करने का अनुभव भी रखते हैं।उनके प्रोफाइल के अनुसार, बोइंग 737 विमानों पर उनका कुल व्यावसायिक उड़ान अनुभव 9,750 घंटे से ज्यादा है। उन्होंने बोइंग 737-800 के साथ-साथ बोइंग 737 MAX 8 और 9 विमानों पर भी उड़ान भरी है।कैप्टन स्मित माछर ने मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उनके बच्चे भी हैं।

कौन हैं कैप्टन स्मित माछर, जानें पूरी कहानी
कौन हैं कैप्टन स्मित माछर, जानें पूरी कहानी
34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ विवाद

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में अचानक विवाद और हाथापाई शुरू हो गई।रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ओमान का नागरिक था। उस पर आरोप है कि उसने विमान के कंट्रोल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने और विमान को तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश की।इसी दौरान उसने कैप्टन माछर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद कैप्टन ने विमान को संभालने की कोशिश जारी रखी।बताया गया कि विमान बहुत तेजी से नीचे आया और करीब 1 मिनट के भीतर इसकी ऊंचाई लगभग 14 हजार से 17 हजार फीट तक पहुंच गई।

Captain Smit Machchhar: घायल हालत में भी नहीं छोड़ा हौसला

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे विमान में मौजूद क्रू और यात्रियों को स्थिति का पता चला और उन्हें कॉकपिट के अंदर पहुंचने का रास्ता मिला।कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और उन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान में ड्यूटी पर मौजूद अन्य पायलटों ने भी स्थिति संभालने में सहायता की।इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट की तरफ मोड़ा गया। वहां विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में 174 यात्री सवार थे। कुछ शुरुआती जानकारियों में यात्रियों की संख्या करीब 180 बताई गई थी। विमान में ज्यादातर यात्री इजराइली नागरिक थे।

क्या बेहोश होने से पहले कैप्टन ने खोला था दरवाजा?

घटना के बाद एक इजराइली यात्री यानिव हयून ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में इस घटना की जानकारी साझा की।हयून के मुताबिक, कॉकपिट का दरवाजा खुला हुआ था और कैप्टन माछर उसके काफी करीब थे। उन्होंने अनुमान लगाया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद बेहोश होने से पहले कैप्टन ने अपनी सूझबूझ से दरवाजा खोल दिया होगा।उनका मानना था कि कैप्टन ने ऐसा इसलिए किया होगा, ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री कॉकपिट के अंदर जाकर स्थिति संभालने में मदद कर सकें।सोशल मीडिया पर भी इस बात को लेकर चर्चा हुई। ईरान की एक महिला ने एक्स पर लिखा कि उनके पति पायलट हैं। उनके मुताबिक, कॉकपिट में एक स्विच होता है, जिससे अंदर से दरवाजा अनलॉक किया जा सकता है।उन्होंने संभावना जताई कि कैप्टन माछर ने बेहोश होने से पहले उस स्विच का इस्तेमाल किया होगा, ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिल सके।उनका कहना था कि अगर कॉकपिट का दरवाजा लॉक रहता, तो शायद कोई अंदर जाकर विमान को बचाने में मदद नहीं कर पाता।

Captain Smit Machchhar: चाकू हमले के बाद भी विमान बचाते रहे स्मित
चाकू हमले के बाद भी विमान बचाते रहे स्मित
Captain Smit Machchhar: यात्रियों ने दिया घायल कैप्टन का साथ

विमान की इमरजेंसी लैंडिंग से पहले यात्रियों ने घायल कैप्टन की मदद की। इजराइली मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में मौजूद कई यात्रियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।इनमें इजराइली डेंटिस्ट शोता मुसायेव भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि कैप्टन माछर के सिर और हाथों से काफी खून निकल रहा था। उन्होंने खून रोकने में उनकी मदद की।

मुसायेव के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद कैप्टन की स्थिति कुछ स्थिर हुई, लेकिन विमान के लैंड करने के दौरान उनकी हालत फिर बिगड़ गई।उन्होंने यह भी बताया कि कैप्टन माछर उस समय बोल पा रहे थे और उन्होंने बताया था कि दूसरे पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था।ताबुक एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद कैप्टन माछर को सऊदी अरब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि कैप्टन माछर को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के ताबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें जरूरी इलाज दिया जा रहा है।दूतावास ने कहा कि उसके पास उस समय पायलट की सेहत से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर थी।दूतावास के अधिकारियों ने यह भी बताया कि वे कैप्टन माछर के परिवार के संपर्क में हैं।

Captain Smit Machchhar: नेतन्याहू ने कैप्टन माछर को बताया हीरो

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने यात्रियों और क्रू सदस्यों की भूमिका का भी जिक्र किया।नेतन्याहू के मुताबिक, चाकू से हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और क्रू सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।नेतन्याहू ने कहा कि इस पूरी घटना से हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में इजराइली नागरिकों और दूसरे देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बची।उन्होंने कैप्टन माछर, यात्रियों और क्रू सदस्यों की हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ की।

पीएम मोदी ने भी की बहादुरी की तारीफ
Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई पायलट स्मित माछर की बहादुरी
फ्लाईदुबई पायलट स्मित माछर की बहादुरी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी को लेकर प्रतिक्रिया दी।पीएम मोदी ने कहा कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त साहस और मजबूत इरादे का परिचय दिया।उन्होंने कहा कि कैप्टन की बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन माछर पर गर्व है।उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने की बात भी कही।

Captain Smit Machchhar: डोनाल्ड ट्रंप ने भी की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित माछर को हीरो बताया। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने को-पायलट के चाकू से किए गए हमले का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद के लिए आवाज लगाई।ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस घटना के बारे में बात की थी।ट्रंप के अनुसार, नेतन्याहू ने उन्हें बताया था कि पायलट की हालत बहुत खराब थी। ट्रंप ने कहा कि कैप्टन माछर की स्थिति गंभीर होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह सूझबूझ दिखाई, वह असाधारण था।उन्होंने कहा कि एक तरह से कैप्टन माछर हीरो थे।

Captain Smit Machchhar: चाकू हमले के बाद भी विमान बचाते रहे स्मित
चाकू हमले के बाद भी विमान बचाते रहे स्मित
ट्रंप ने इजराइली यात्री की भूमिका भी बताई

ट्रंप ने घटना के दौरान एक इजराइली यात्री की भूमिका का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वह यात्री प्लंबर था और उसने कभी विमान नहीं उड़ाया था।ट्रंप के अनुसार, वह यात्री कॉकपिट में पहुंचा और को-पायलट को उसकी सीट से खींचकर पीछे की तरफ गिरा दिया। इसके बाद दूसरे यात्रियों ने उसे पकड़कर काबू कर लिया।ट्रंप ने बताया कि उस यात्री ने बाद में कहा था कि वह ‘एयर डिजास्टर्स’ नाम का टीवी कार्यक्रम काफी देखता था। कार्यक्रम देखकर उसे विमान उड़ाने से जुड़े कुछ बुनियादी सिद्धांतों की जानकारी मिली थी।ट्रंप ने यह भी बताया कि विमान के पिछले हिस्से में मौजूद अतिरिक्त पायलट और सुरक्षा कर्मी बाद में कॉकपिट तक पहुंचे और विमान का नियंत्रण संभाल लिया।अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद असाधारण बताया। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि वह केवल उन्हें मिली जानकारी साझा कर रहे हैं और उन्होंने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

स्मित माछर की बहादुरी से टला बड़ा हादसा
स्मित माछर की बहादुरी से टला बड़ा हादसा
Captain Smit Machchhar: फ्लाइट में आखिर कैसे टला बड़ा हादसा?

पूरी घटना में कैप्टन स्मित माछर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।इसके बाद यात्रियों, क्रू सदस्यों और अन्य पायलटों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने मिलकर को-पायलट को काबू किया और विमान को ताबुक की ओर मोड़ा गया।

सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कैप्टन माछर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई।इस घटना के बाद कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की भारत, इजराइल और अमेरिका समेत कई जगहों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी भूमिका की सार्वजनिक रूप से तारीफ की।