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नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी शिवराज मोटेगांवकर की संपत्तियों पर चला बुलडोज़र

CBI NEET

CBI NEET: नीट-यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के खिलाफ अब प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की गिरफ्तारी के बाद पुणे नगर निगम ने आरोपी से जुड़ी संपत्तियों पर सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग और बुलडोज़र कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने करोड़ों रुपये के बकाया कर और अवैध निर्माण को लेकर यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, पुणे के जेएम रोड स्थित आरसीसी क्लासेस से जुड़ी संपत्तियों पर करीब 3.20 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया था। इसके अलावा इमारत में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने और अवैध निर्माण के आरोप भी सामने आए हैं।

करोड़ों का कर बकाया, संपत्ति की गई सील

पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शिवराज मोटेगांवकर जेएम रोड स्थित बोरावके बिल्डिंग से कोचिंग संस्थान संचालित करता था, जहां इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। नगर निगम ने बताया कि लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं किया गया था। इसके बाद भवन विभाग ने इमारत की पहली मंजिल पर स्थित दुकान संख्या एक को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति के कोचिंग गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

CBI NEET: अवैध निर्माण पर चला बुलडोज़र

जांच के दौरान भवन में पार्किंग क्षेत्र में बदलाव और अन्य अनधिकृत निर्माण पाए गए। इसके बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोज़र की मदद से अवैध हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन अब आरोपी से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

सीबीआई जांच में हुए कई खुलासे

सीबीआई ने कुछ दिन पहले करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद शिवराज मोटेगांवकर को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। अदालत ने आरोपी को नौ दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हुआ था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र तथा उत्तर हासिल कर लिए गए थे। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को रसायन विज्ञान का ऐसा प्रश्न बैंक मिला, जिसमें वही सवाल थे जो परीक्षा में पूछे गए थे। सीबीआई को आरोपी के मोबाइल फोन से कथित लीक प्रश्नपत्र भी मिला है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने कई छात्रों को प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए तथा सबूत मिटाने के लिए दस्तावेज नष्ट करने की भी कोशिश की।

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