Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित तिफरा हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी नामांतरण फाइल लंबे समय से गुम होने के विरोध में अनोखा तरीका अपनाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसपर लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
अब जानें मामला…
ये मामला तिफरा क्षेत्र का है, जहां युवक तरुण साहू ने करीब एक साल पहले रिसेल के माध्यम से एक EWS फ्लैट खरीदा था। फ्लैट खरीदने के बाद उन्होंने नियमानुसार नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी फाइल का कोई पता नहीं चल पाया। युवक का आरोप है कि जब भी वह विभाग में जानकारी लेने पहुंचते, हर बार उन्हें यही जवाब दिया जाता कि फाइल गुम हो गई है या अभी तक नहीं मिल पाई है।
इस महिला अधिकारी को है भूलने की आदत तो इस युवक ने बादाम खाने की सलाह दी 😡 pic.twitter.com/vEFrsLQSsp
— सीतामढ़ी जिला 🇮🇳 (@SitamarhiJila) April 18, 2026
लगातार एक साल से चक्कर लगाने और कोई समाधान न मिलने से परेशान होकर तरुण साहू ने शुक्रवार को उप संपदा अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर अपना गुस्सा अनोखे अंदाज में जाहिर किया। उन्होंने अधिकारी की टेबल पर बादाम बिखेरते हुए कहा कि आपकी याददाश्त तेज करने के लिए बादाम लाया हूं, ताकि आपको मेरी फाइल याद आ जाए।
Chhattisgarh News: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक का विरोध करने का तरीका और उसकी नाराजगी साफ देखी जा सकती है। कई लोग इस वीडियो को सिस्टम की लापरवाही पर व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक ढिलाई का गंभीर उदाहरण बता रहे हैं।
वहीं, इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फाइल की तलाश की जा रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि मामले की आंतरिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि फाइल आखिरकार कहां और कैसे गुम हुई। जबकि इस मामले में तरुण साहू का कहना है कि जब तक उनकी नामांतरण फाइल का समाधान नहीं होता, वह लगातार विभाग के चक्कर लगाते रहेंगे और अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। इस घटना ने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की कार्यप्रणाली, दस्तावेज प्रबंधन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर अब चर्चा तेज हो गई है।
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