CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और महाराज सुहेलदेव के शौर्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांता सैयद सालार मसूद ने मंदिरों को तोड़ा और आस्था को चोट पहुंचाई, लेकिन उसे करारा जवाब मिला।
मंदिर तोड़ने पर मिली ‘सबसे बुरी सजा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज सुहेलदेव ने आस्था पर हमला करने वाले सालार मसूद को बख्शा नहीं। उन्होंने दावा किया कि उसे ऐसी सजा दी गई जो सबसे बुरी मौत के रूप में जानी जाती है—उसे गर्म तवे पर बांधकर जलाया गया और उसका अंत किया गया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रतीक है कि भारत की संस्कृति और आस्था पर हमला करने वालों को कभी स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें कड़ा जवाब मिला।
CM Yogi Adityanath: इतिहास के जरिए विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश के वीर नायकों को भुलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि महाराज सुहेलदेव जैसे योद्धाओं के पराक्रम को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, जबकि आक्रांताओं को महिमामंडित किया जाता रहा।
CM Yogi Adityanath: स्मारक और बदलती पहचान
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से सुहेलदेव के सम्मान में स्मारक बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब लोग अपने असली नायकों को पहचान रहे हैं और इतिहास को सही रूप में देखा जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति लागू है। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में दंगे, अराजकता और गुंडाराज को खत्म किया गया है और आगे भी सख्ती जारी रहेगी।
CM Yogi Adityanath: राष्ट्रवाद और संविधान पर जोर
उन्होंने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए। साथ ही भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को सर्वोपरि बताया।
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