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‘अमित शाह तैयार, राहुल भागना नहीं…’, CM योगी ने विपक्ष पर क्यों साधा निशाना?

CM Yogi Rahul Gandhi: संसद के मानसून सत्र में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी गतिरोध के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान देने की तैयारी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्ष से तथ्यों का सामना करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं।

‘अमित शाह सदन में अपना पक्ष रखने को तैयार’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि लोकतंत्र प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन उत्तर सुनने का दायित्व भी निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर सदन में विस्तारपूर्वक अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। योगी ने कांग्रेस और विपक्ष से अपेक्षा जताई कि वे तथ्यों का सामना करें, सदन की गरिमा बनाए रखें और गृह मंत्री का जवाब पूरा सुनें।

CM Yogi Rahul Gandhi: ‘लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है’

योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए कहा, “लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं। राहुल भागना नहीं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन में गतिरोध बना हुआ है।

रिजिजू भी कह चुके हैं- सरकार चर्चा को तैयार

इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को उनका जवाब सुनना होगा। सत्ता पक्ष का आरोप है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा कर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।

CM Yogi Rahul Gandhi: राहुल गांधी की तीन मांगें क्या हैं?

वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल बयान देने से गतिरोध खत्म नहीं होगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर कथित बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में यह जानना शामिल है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। इसके अलावा विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग कर रहा है और अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी संसद में चर्चा चाहता है।

सदन में जारी है टकराव

एक तरफ सरकार का कहना है कि गृह मंत्री छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, वहीं विपक्ष दोनों मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। इसी टकराव के चलते संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनती है या मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में भी सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती रहती है।

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