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ग्लासगो में भारतीय बॉक्सर्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 7 गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास

कॉमनवेल्थ में भारत ने जीते 7 गोल्ड मेडल

CWG 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। गेम्स शुरू होने से पहले कई विशेषज्ञों का मानना था कि इस बार भारत के पदकों की संख्या कम हो सकती है, क्योंकि शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे भारत के मजबूत खेल इस संस्करण का हिस्सा नहीं थे। इसी वजह से यह भी माना जा रहा था कि भारत पदक तालिका में पिछड़ सकता है।

लेकिन भारतीय बॉक्सर्स, जूडो खिलाड़ियों, पैरा एथलीट्स, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी अनुमान गलत साबित कर दिए। इन खिलाड़ियों की बदौलत भारत ने पदक तालिका में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

122 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

भारत की ओर से 122 खिलाड़ियों ने 10 अलग-अलग खेलों में भाग लिया। इनमें 14 सदस्यीय बॉक्सिंग टीम शामिल थी, जिसमें 7 पुरुष और 7 महिला मुक्केबाज थे।भारतीय बॉक्सिंग महासंघ ने शुरुआत में अपनी टीम से तीन स्वर्ण पदकों की उम्मीद जताई थी, लेकिन खिलाड़ियों ने उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।

10 बॉक्सर्स पहुंचे फाइनल, भविष्यवाणी हुई सच

भारत के 14 में से 10 बॉक्सर्स सेमीफाइनल तक पहुंचे। इस दौरान भारतीय बॉक्सिंग महासंघ के महासचिव प्रमोद चौधरी ने NDTV को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा था कि सभी 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल खेलेंगे। उनकी यह बात पूरी तरह सच साबित हुई और सभी 10 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे।इसके बाद भारतीय बॉक्सर्स ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया।

96 साल में पहली बार बॉक्सिंग में 7 गोल्ड और कुल 10 मेडल

फाइनल मुकाबलों में पहले भारतीय महिला मुक्केबाजों और फिर पुरुष खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार स्वर्ण पदक जीते।कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 साल के इतिहास में पहली बार भारत ने बॉक्सिंग में 7 स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए।हरियाणा के नरेंद्र बेरवाल ने 90+ किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का 10वां बॉक्सिंग पदक हासिल किया।

महिला बॉक्सर्स का शानदार प्रदर्शन

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक अपने नाम किए। प्रीति पवार, जैस्मिन लैमेबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधती चौधरी ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को पांच स्वर्ण पदक दिलाए। वहीं, ओलंपिक पदक विजेता असम की लवलीना बोर्गोहैन ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक जोड़ा।

पुरुष मुक्केबाजों ने भी बढ़ाया भारत का गौरव

भारतीय पुरुष बॉक्सर्स ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 4 पदक जीते, जिनमें 2 स्वर्ण और 2 रजत शामिल रहे। सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने शानदार खेल के दम पर स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए रजत पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में अहम योगदान दिया।

भारत पहुंचा पदक तालिका में चौथे स्थान पर

बॉक्सिंग में मिले इन 10 पदकों की बदौलत खेलों के समापन से एक दिन पहले भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और 8 कांस्य सहित कुल 38 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।

64 साल बाद मिला पहला पदक, 68 साल बाद आया पहला गोल्ड

भारत ने पहली बार 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। हालांकि, बॉक्सिंग में पहला पदक जीतने के लिए देश को 64 साल इंतजार करना पड़ा।1998 के कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स में जितेंद्र कुमार ने भारत को बॉक्सिंग का पहला पदक दिलाया।इसके चार साल बाद 2002 के मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स में पश्चिम बंगाल के अली कमर ने भारत को बॉक्सिंग का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद भारतीय बॉक्सिंग लगातार आगे बढ़ती रही और 2026 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर नया इतिहास बना दिया।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का बॉक्सिंग प्रदर्शन
वर्षस्वर्णरजतकांस्यकुल पदक
19980101
20021113
20061225
20103047
20140325
20183339
20223137
202673010
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत के पदक विजेता बॉक्सर्स
पुरुष वर्ग
खिलाड़ीभार वर्गस्वर्णरजत
जादुमणि सिंह55 किग्रा1
सचिन सिवाच60 किग्रा1
अंकुश पंघाल80 किग्रा1
नरेंद्र बेरवाल+90 किग्रा1
महिला वर्ग
खिलाड़ीभार वर्गस्वर्णरजत
साक्षी चौधरी51 किग्रा1
प्रीति पवार54 किग्रा1
जैस्मिन लैमेबोरिया57 किग्रा1
प्रिया घंघास60 किग्रा1
अरुंधती चौधरी1
लवलीना बोर्गोहैन75 किग्रा1

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