Delhi Fire Incident: दिल्ली के हौज रानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
होटल में नियमों की खुलेआम अनदेखी
जांच में सामने आया है कि ‘फ्लोरिश स्टे B&B’ नाम के होटल को केवल 6 कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां अवैध रूप से करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। होटल में फायर सेफ्टी विभाग की एनओसी भी नहीं थी। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि पूरे होटल में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही एंट्री-एग्जिट रास्ता मौजूद था, जिससे आग लगने के दौरान लोग अंदर फंस गए।
Delhi Fire Incident: बेसमेंट में फंसे लोगों की दम घुटने से मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई। खासतौर पर बेसमेंट में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि बेसमेंट में भी अवैध कमरे बनाए गए थे। यह इमारत बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पांच मंजिलों वाली थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग पहली मंजिल से शुरू हुई, हालांकि आग लगने के असली कारणों की जांच अभी जारी है।
Delhi Fire Incident: विदेशी नागरिक भी हादसे का शिकार
इस हादसे में अफ्रीकी और मध्य एशियाई देशों के नागरिकों की भी मौत हुई है। दक्षिण अफ्रीका के कांगो से अपने रिश्तेदार का इलाज कराने दिल्ली आई एक युवती भी इस हादसे में जान गंवा बैठी। मृतका की बहन ने रोते हुए कहा कि आग ने उसकी बहन को हमेशा के लिए उससे छीन लिया।
पुलिस ने दर्ज किया गैर इरादतन हत्या का केस
दिल्ली पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि होटल में आग से बचाव के जरूरी उपकरण मौजूद थे या नहीं और किसकी लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हुआ।
हादसे ने उठाए बड़े सवाल
इस अग्निकांड ने राजधानी में अवैध होटल संचालन, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां होटल मालिकों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
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