Dengue Dehydration: डेंगू को आमतौर पर तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस बीमारी के दौरान डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी पर भी नजर रखना जरूरी है। तेज बुखार, उल्टी, भूख कम लगना और कभी-कभी दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अगर मरीज पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थ नहीं लेता है, तो डिहाइड्रेशन गंभीर रूप ले सकता है। डॉक्टर के मुताबिक, गंभीर डिहाइड्रेशन में ब्लड प्रेशर गिरने और डेंगू शॉक का खतरा बढ़ सकता है।
Dengue Dehydration: डेंगू में डिहाइड्रेशन के 5 संकेत-
सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीरज कुमार के अनुसार, डेंगू के दौरान इन लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए।
1. पेशाब का रंग गहरा होना-
अगर डेंगू के दौरान पेशाब सामान्य से ज्यादा गहरा पीला दिखाई दे या उसकी मात्रा कम हो जाए, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि, सिर्फ पेशाब के रंग के आधार पर डिहाइड्रेशन या डेंगू की गंभीरता तय नहीं की जा सकती।
2. मुंह और होंठ सूखना-
बार-बार मुंह सूखना, होंठों का सूखना या बहुत ज्यादा प्यास लगना भी शरीर में तरल पदार्थ की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में मरीज को पर्याप्त तरल पदार्थ देने पर ध्यान देना चाहिए।
3. ज्यादा कमजोरी या सुस्ती-
डेंगू में कमजोरी होना सामान्य है, लेकिन अगर मरीज असामान्य रूप से सुस्त रहने लगे, चक्कर आएं या बेचैनी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तब, जब मरीज पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ नहीं ले पा रहा हो।
4. पेशाब कम आना-
शरीर में पानी की कमी बढ़ने पर पेशाब की मात्रा कम हो सकती है। अगर कई घंटों तक पेशाब बहुत कम आए या लगभग बंद हो जाए, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
5. चक्कर, सांस लेने में परेशानी या BP गिरना-
ये गंभीर संकेत हो सकते हैं। डेंगू के मरीज को चक्कर आने के साथ बहुत ज्यादा कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, शरीर ठंडा पड़ना, बेहोशी या ब्लड प्रेशर कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
Dengue Dehydration: डेंगू में कितना पानी पीना चाहिए-
डॉक्टर के मुताबिक, डेंगू के सभी मरीजों के लिए तरल पदार्थ की एक निश्चित मात्रा तय नहीं की जा सकती। उम्र, वजन, बुखार, उल्टी-दस्त, किडनी या हार्ट की बीमारी और डेंगू की गंभीरता के आधार पर जरूरत अलग-अलग हो सकती है। पानी के साथ ORS लेना भी उपयोगी हो सकता है, ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो। डॉक्टर की सलाह से नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ भी लिया जा सकता है।
सिर्फ प्लेटलेट्स पर ध्यान देना काफी नहीं-
{Dengue} डेंगू के दौरान मरीज और परिवार अक्सर प्लेटलेट्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। लगातार उल्टी हो रही हो या मरीज पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं ले पा रहा हो, तो केवल घर पर पानी पिलाना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डेंगू में डाइट का भी रखें ध्यान-
डेंगू के दौरान पानी के साथ संतुलित डाइट लेना भी जरूरी है। मरीज की डाइट में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर मौसमी फल और सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। सही मात्रा में तरल पदार्थ और पौष्टिक आहार रिकवरी के दौरान शरीर को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, गंभीर लक्षण दिखने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
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