Dengue Symptoms: बरसात के मौसम में बुखार आना आम-सी बात है। हम सब इसे वायरल समझकर 2 दिन घर पर आराम करते हैं और ठीक हो जाते हैं, लेकिन इस बार डॉक्टर का कहना है कि थोड़ा रुककर सोचिए। क्योंकि डेंगू भी बिल्कुल इसी तरह शुरू होता है और फर्क समझने में देर हो जाए तो बात अस्पताल तक पहुंच जाती है।डेंगू एडीज मच्छर से फैलता है। यह मच्छर गंदगी में नहीं पलता। इसे आपके घर का साफ, रुका हुआ पानी चाहिए। कूलर, गमले, टायर या बाथरूम की बाल्टी का पानी। मच्छर पहले किसी डेंगू मरीज को काटता है और फिर उसी वायरस को अगले इंसान तक पहुंचा देता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल और डेंगू में फर्क कैसे कर सकते हैं। वायरल में बुखार धीरे-धीरे आता है और 5 से 7 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन डेंगू में बुखार एकदम से 102 से 104 तक चला जाता है। इसके साथ शरीर में कुछ ऐसे बदलाव आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
इन लक्षणों को हल्के में मत लें
- सिर और आंखों के पीछे तेज दर्द होना। ऐसा लगना जैसे कि आंखें बाहर आ जाएंगी।
- हड्डियों और जोड़ों में असहनीय दर्द। इसी वजह से इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं।
- लगातार उल्टी, पेट दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते हो जाना।
- नाक, मसूड़ों से खून आना या उल्टी में खून दिखना। यह सबसे खतरनाक संकेत है।
- बहुत ज्यादा थकान, कमजोरी और पेशाब का कम आना।
अगर बुखार के साथ इनमें से 2 लक्षण भी हैं, तो तुरंत खून की जांच करानी चाहिए। प्लेटलेट्स का लेवल देखना सबसे जरूरी है।
अब बात बचाव की है क्योंकि डेंगू की कोई खास दवा नहीं है। इसलिए रोकथाम ही सबसे अच्छा इलाज है। इसके लिए बस 3 आदतें बदलनी हैं।
बचाव के 3 जरूरी काम
- घर में कहीं पानी जमा न होने दें और साथ ही कूलर का पानी हर 2-3 दिन में बदलें।
- सुबह और शाम फुल कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगाकर ही सोएं।
- खिड़कियों पर जाली लगवाएं और घर के आसपास साफ़-सफाई रखें।
डॉक्टर एक बात पर खास जोर दे रहे हैं कि बुखार में खुद से डिस्प्रिन या ब्रूफेन मत लीजिए। ये दवाएं प्लेटलेट्स को और गिरा देती हैं। सिर्फ डॉक्टर से पूछकर ही दवा लें।आखिरी बात। डरना नहीं है, बस जागरूक रहना है। बुखार आए तो उसे सीरियसली लें। समय पर टेस्ट और सही इलाज से ही डेंगू को हराया जा सकता है।
Written by: Mansi Sharma
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