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कौन हैं देवेश कुमार? MLC की कुर्सी छोड़ने के बाद अब मिली बड़ी जिम्मेदारी

Devesh Kumar:

Devesh Kumar: भाजपा के पूर्व विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार को बिहार राज्य योजना पर्षद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। योजना एवं विकास विभाग की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। इस पद पर रहते हुए उन्हें मंत्री का दर्जा भी मिलेगा। देवेश कुमार फिलहाल मिजोरम भाजपा के राज्य प्रभारी हैं। पार्टी में वह कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनकी नई नियुक्ति को संगठन में सक्रिय भूमिका और योगदान के तौर पर देखा जा रहा है।

Devesh Kumar: दीपक प्रकाश के लिए छोड़ी थी MLC की सीट-

देवेश कुमार वर्ष 2021 में राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। उनका कार्यकाल अगले साल मार्च तक था, लेकिन उन्होंने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के लिए अपनी MLC की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। दरअसल, दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के समय वह किसी सदन के सदस्य नहीं थे। मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका किसी सदन का सदस्य होना जरूरी था। ऐसे में देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर दीपक प्रकाश का राज्यपाल कोटे से विधान परिषद में मनोनयन किया गया।

Devesh Kumar: मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था-

दीपक प्रकाश के विधान परिषद में मनोनयन से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसी घटनाक्रम के दौरान एनडीए के शीर्ष नेतृत्व की पहल पर देवेश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। अब राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति को बिहार के राजनीतिक गलियारों में अहम जिम्मेदारी माना जा रहा है।

स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र हैं देवेश कुमार-

देवेश कुमार स्वतंत्रता सेनानी यमुना कार्यी के पौत्र हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में काम किया। इसके बाद भाजपा से जुड़कर संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्तमान में वह मिजोरम भाजपा के राज्य प्रभारी के रूप में पार्टी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

विकास योजनाओं में निभाएंगे अहम भूमिका-

राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष के तौर पर देवेश कुमार राज्य की विकास योजनाओं और नीतिगत मामलों से जुड़े कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंत्री का दर्जा मिलने से उनकी नई जिम्मेदारी का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। विधान परिषद की सदस्यता छोड़ने के बाद अब राज्य योजना पर्षद में नई जिम्मेदारी मिलने से देवेश कुमार एक बार फिर बिहार की सक्रिय राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे

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