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चुनाव आयोग में IT चीफ की घटी पावर, 3 महीने बाद नया आदेश जारी; अब सीनियर अफसर से लेनी होगी मंजूरी

Election Commission IT Chief:

Election Commission IT Chief: चुनाव आयोग (ECI) ने अपने IT विभाग के कामकाज और रिपोर्टिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना के लिए सुपरवाइजरी रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर को फिर से बहाल कर दिया है। 4 नवंबर 2026 को जारी नए आदेश के मुताबिक, सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) पवन कुमार शर्मा अब IT और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विभागों की निगरानी करेंगे। अब सीमा खन्ना को इन विभागों से जुड़ी फाइलें पवन कुमार शर्मा के माध्यम से ही जमा करनी होंगी। यह फैसला करीब तीन महीने पहले किए गए बदलावों को पलटता है।

Election Commission IT Chief: IT चीफ की शक्तियों में क्यों हुआ बदलाव?

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग का यह नया आदेश 28 जुलाई 2026 को किए गए बदलावों को वापस लेता है। उस समय IT और ICT विभागों की जिम्मेदारियां तत्कालीन डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) संजय कुमार से हटाकर सीधे सीमा खन्ना को सौंप दी गई थीं। इस बदलाव के बाद ऐसा माना जा रहा था कि डायरेक्टर जनरल (IT) बिना किसी मध्यवर्ती सुपरवाइजरी अधिकारी के सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट कर सकती हैं। हालांकि, अब नई व्यवस्था के तहत उन्हें सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर के माध्यम से ही फाइलें जमा करनी होंगी।

Election Commission IT Chief: दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

28 जुलाई को किए गए बदलाव को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। 29 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि सीनियर DEC मनीष गर्ग ने आयोग की मंजूरी के बिना ही यह आदेश जारी किया था। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि विवादित व्यवस्था को कभी लागू ही नहीं किया गया। सीमा खन्ना पहले की तरह मनीष गर्ग के माध्यम से ही फाइलें जमा करती रहीं। अगस्त में संजय कुमार के आयोग छोड़ने के बाद IT विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियां मनीष गर्ग ने संभाली थीं।

आयोग ने फैसले को बताया सर्वसम्मत

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में चुनाव आयोग के एक सूत्र ने बताया कि जिम्मेदारियों का नया बंटवारा आयोग के सर्वसम्मत फैसले को दर्शाता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि डायरेक्टर जनरल (IT) हमेशा से डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर स्तर के अधिकारी को ही रिपोर्ट करती रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी उठा था मामला

23 सितंबर को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के कामकाज को चुनौती देने वाली याचिकाओं के बाद यह विवाद चर्चा में आया था। 26 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में चुनाव आयोग ने बताया कि 28 जुलाई का आदेश अतिरिक्त सचिव रैंक के अधिकारी मनीष गर्ग द्वारा जारी किया गया था। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 30 जुलाई 2026 को दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से दिए गए संयुक्त निर्देशों के बाद इस आदेश को कभी लागू नहीं किया गया।

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