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‘पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी’, अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़के फारूक अब्दुल्ला?

Farooq Abdullah:

Farooq Abdullah: दुनियाभर में जारी संघर्ष, बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की हरकतों की वजह से पूरी दुनिया को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर भी अपनी बात रखी। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों और उनमें विदेशी ताकतों का हाथ होने के दावों पर भी सवाल उठाए।

Farooq Abdullah: ट्रंप की वजह से दुनिया पर आ रही मुसीबत: फारूक अब्दुल्ला-

फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और उनके फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी हरकतों के कारण दुनिया को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “पता नहीं उन्हें कब अक्ल आएगी। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला।” नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया संकट से गुजर रही है। इसका असर महंगाई पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को उठाना पड़ेगा। फारूक अब्दुल्ला ने ट्रंप से अपनी आक्रामकता खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि अब ऐसा करने का वक्त आ गया है।

Farooq Abdullah: अमेरिका-ईरान तनाव पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला-

फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्याय के हित में ईरान को अपनी सीमाओं के भीतर अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संसाधनों की कीमतों और अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इस बीच ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों ने भी क्षेत्रीय तनाव को लेकर चर्चाएं बढ़ा दी हैं।

दिल्ली में प्रदर्शनों पर भी उठाए सवाल-

फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी उसे खतरा महसूस होता है, तो वह प्रदर्शनों के पीछे विदेशी हाथ होने की बात करने लगती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार को लगता है कि इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है, तो उसे संबंधित देशों या ताकतों के नाम बताने चाहिए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को अपने कामकाज पर भी ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, विदेशी ताकतों की संलिप्तता के आरोप लगाने से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर कौन-सा देश ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है।

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