FIFA world cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले देखने के लिए अमेरिका के डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र पहुंचे हजारों फुटबॉल प्रशंसकों को इस बार केवल मैचों का रोमांच ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम का सामान्य तापमान भले ही करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा हो, लेकिन स्टेडियम तक पहुंचने के दौरान सड़कें और फुटपाथ इतनी गर्म हो रहे हैं कि लोगों के लिए पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
हवा से ज्यादा जमीन की गर्मी कर रही परेशान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार असली चुनौती हवा का तापमान नहीं, बल्कि कंक्रीट और डामर की सतह से निकलने वाली गर्मी है। कई स्थानों पर सड़क और फुटपाथ का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। दूर पार्किंग, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक परिवहन से स्टेडियम तक पैदल आने वाले प्रशंसकों को इस अतिरिक्त गर्मी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है।नेशनल वेदर सर्विस की मौसम वैज्ञानिक जेनिफर डन के अनुसार कंक्रीट और विशेष रूप से काले डामर वाली सड़कें सूरज की गर्मी को तेजी से अपने भीतर सोख लेती हैं और फिर लंबे समय तक उसे छोड़ती रहती हैं। यही वजह है कि जमीन के पास तापमान वास्तविक मौसम से कहीं अधिक महसूस होता है और लोगों को अत्यधिक गर्मी का अनुभव होता है।
FIFA world cup 2026: अध्ययन में भी सामने आई तापमान की बड़ी असमानता
अगस्त 2023 में CAPA Strategies की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि डलास के अलग-अलग इलाकों में पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण तापमान में लगभग 5.6 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर हो सकता है। बड़े पार्किंग क्षेत्र, व्यावसायिक इलाके और कम हरियाली वाले स्थान अधिक गर्म रहते हैं, जबकि पेड़ों और हरित क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम तापमान महसूस होता है।
FIFA world cup 2026: फैन्स बोले- ऐसा लगता है जैसे शरीर जवाब दे देगा
वर्ल्ड कप देखने पहुंचे कई विदेशी प्रशंसकों ने भीषण गर्मी को लेकर अपनी परेशानी साझा की। अर्जेंटीना से आए मैथियास मिलाने ने कहा कि चलते समय गर्मी का असर कम महसूस होता है, लेकिन जैसे ही रुकते हैं, चारों ओर की गर्म सतह और इमारतों की वजह से गर्मी असहनीय लगने लगती है। वहीं स्वीडन के विक्टर ब्लोमडाल ने कहा कि धूप में कुछ देर पैदल चलना भी बेहद कठिन हो जाता है और ऐसा महसूस होता है कि शरीर जवाब देने लगा है।कई प्रशंसकों ने स्टेडियम के आसपास ठंडक पहुंचाने वाली सुविधाओं की कमी पर भी नाराजगी जताई। हालांकि डाउनटाउन डलास में कुछ स्थानों पर हाइड्रेशन स्टेशन बनाए गए थे, लेकिन स्टेडियम के आसपास बड़े पंखे, मिस्टिंग सिस्टम और पर्याप्त छायादार स्थान नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई प्रशंसकों ने यह भी शिकायत की कि मुफ्त पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं था और पानी की एक बोतल 4 से 5 डॉलर तक में खरीदनी पड़ रही थी।भीषण गर्मी के बीच लाखों दर्शकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना आयोजन समिति के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में यदि तापमान इसी तरह बना रहा तो स्टेडियमों के आसपास अधिक हाइड्रेशन पॉइंट, छायादार क्षेत्र और कूलिंग सुविधाएं बढ़ाना आवश्यक होगा, ताकि दुनिया भर से आए फुटबॉल प्रशंसकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव मिल सके।
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