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फोन या लैपटॉप चलाते समय क्यों सुन्न हो जाती हैं उंगलियां? जानें वजह और बचाव

 Fingers Numbness:

Fingers Numbness: आज के समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। घंटों मोबाइल चलाने या लैपटॉप पर काम करने के दौरान कई लोगों को उंगलियों में सुन्नपन, झुनझुनी और दर्द जैसी समस्या होने लगती है। अक्सर लोग इसे थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह नसों पर दबाव या कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी समस्या का संकेत हो सकता है। इस बारे में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida ने उंगलियों के सुन्न होने के कारण और बचाव के तरीके बताए हैं।

Fingers Numbness: फोन या लैपटॉप चलाते समय क्यों सुन्न होती हैं उंगलियां-

Dr. Akshay Chugh के मुताबिक हाथ और उंगलियों की मूवमेंट को नियंत्रित करने में मीडियन नर्व, अल्नर नर्व और रेडियल नर्व की अहम भूमिका होती है। इन नसों पर दबाव पड़ने या इनमें किसी तरह की समस्या होने पर हाथ और उंगलियों में दर्द, झुनझुनी और सुन्नपन महसूस हो सकता है। लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करने पर यह समस्या बढ़ सकती है।

Fingers Numbness: 1. कार्पल टनल सिंड्रोम-

लैपटॉप पर लंबे समय तक कीबोर्ड या माउस इस्तेमाल करने और कलाई को गलत एंगल पर रखने से मीडियन नर्व पर दबाव पड़ सकता है। कलाई के अंदर मौजूद संकरी जगह को कार्पल टनल कहा जाता है। नस पर दबाव पड़ने से खासतौर पर अंगूठे, तर्जनी और बीच वाली उंगली में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। कई लोगों को रात में या सुबह उठने के बाद भी हाथ में दर्द और सुन्नपन रहता है। 2021 में Journal of Family Medicine and Primary Care में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से कार्पल टनल सिंड्रोम का जोखिम बढ़ सकता है।

2. क्यूबिटल टनल सिंड्रोम-

फोन पर बात करते समय या लेटकर स्क्रॉल करते समय कोहनी लंबे समय तक मुड़ी रहती है। इससे कोहनी के पास से गुजरने वाली अल्नर नर्व पर दबाव पड़ सकता है। इसके कारण छोटी उंगली और रिंग फिंगर में सुन्नपन हो सकता है। साथ ही कोहनी के अंदरूनी हिस्से में दर्द भी महसूस हो सकता है। 2022 में Orthopedic Reviews में प्रकाशित शोध के मुताबिक, लंबे समय तक कोहनी मोड़कर रखने से अल्नर नर्व पर खिंचाव और दबाव बढ़ सकता है।

3. सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी-

मोबाइल देखते समय लगातार गर्दन झुकाकर रखने से गर्दन की रीढ़ और आसपास की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। नस दबने पर दर्द और सुन्नपन गर्दन से कंधे, बांह और उंगलियों तक महसूस हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल चलाने से बचना जरूरी है।

4. विटामिन B12 और D3 की कमी-

शरीर में विटामिन B12 या विटामिन D3 की कमी होने पर नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हाथों पर थोड़ा दबाव पड़ने पर भी सुन्नपन जल्दी महसूस हो सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी नसों से जुड़ी समस्या का जोखिम अधिक हो सकता है।

 उंगलियों का सुन्नपन कब गंभीर हो सकता है-

शुरुआत में मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद करने या हाथ की स्थिति बदलने पर सुन्नपन ठीक हो सकता है। लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है या लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समस्या बढ़ने पर हाथों की पकड़ कमजोर, नसों को नुकसान और मांसपेशियों के आकार में कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

उंगलियों के सुन्नपन से कैसे बचें-

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, शुरुआत में कुछ आदतों में बदलाव करके समस्या को कम किया जा सकता है।

नियमित ब्रेक लें: हर 20-30 मिनट में हाथों और गर्दन को आराम दें। उंगलियों को खोलें और बंद करें।

कलाई का पोस्चर सही रखें: लैपटॉप इस्तेमाल करते समय कलाई को सीधा रखें। जरूरत हो तो रिस्ट रेस्ट या जेल माउस पैड का इस्तेमाल करें।

फोन सही तरीके से पकड़ें: कोहनी को लंबे समय तक 90 डिग्री से ज्यादा न मोड़ें। फोन को आंखों के स्तर के करीब रखें।

लंबी कॉल के लिए ईयरफोन इस्तेमाल करें: इससे फोन को लंबे समय तक हाथ में पकड़कर रखने की जरूरत कम होगी।

पोषक आहार लें: B12 से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही और पनीर को डाइट में शामिल करें। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

हल्की स्ट्रेचिंग करें: कलाई की फ्लेक्सर स्ट्रेच और चिन टक्स जैसी हल्की एक्सरसाइज मददगार हो सकती हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें-

अगर उंगलियों में सुन्नपन बार-बार होता है, लंबे समय तक बना रहता है, हाथ की पकड़ कमजोर हो रही है या दर्द बढ़ रहा है, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज न करें। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच और सलाह लेना बेहतर है

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