First Hydrogen Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच सफर शुरू कर दिया। ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में यह देश की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस यह ट्रेन हाइड्रोजन लीक, धुआं, आग और अधिक तापमान का स्वतः पता लगाने में सक्षम है।
89 किमी के सफर में 95 किलो हाइड्रोजन की खपत
जींद और सोनीपत के बीच की दूरी 89 किलोमीटर है. एक तरफ की यात्रा के लिए हाइड्रोजन ट्रेन लगभग 95 किलोग्राम हाइड्रोजन फ्यूल का इस्तेमाल करती है. यानी कि प्रति किलोमीटर औसतन लगभग 1.07 किलोग्राम हाइड्रोजन की खपत होती है. ट्रेन को चलाने के लिए जरूरी हाइड्रोजन की सप्लाई जींद में बने ग्रीनएच इलेक्ट्रोलेसिस प्लांट से की जाती है.
First Hydrogen Train: रोज 430 किलो हाइड्रोजन उत्पादन
एडवांस्ड हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के बावजूद भी ट्रेन को यात्रियों के लिए सस्ता रखने के हिसाब से डिजाइन किया गया। जींद का हाइड्रोजन प्लांट प्रतिदिन 430 किलोग्राम हाइड्रोजन उत्पादन करने में सक्षम है। यह मात्रा ट्रेन को प्रतिदिन 400 किलोमीटर से अधिक चलाने के लिए पर्याप्त मानी गई है।
₹5 से ₹25 तक किराया
हाइड्रोजन तकनीक के बावजूद यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है। जींद- सोनीपत रूट पर ट्रेन का किराया ₹5 से ₹25 के बीच रखा गया है, जो कई रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म टिकट से भी कम है। 10 कोच वाली स्वदेशी DEMU हाइड्रोजन ट्रेन, साथ ही जींद में हाइड्रोजन प्रोडक्शन और रीफ्यूलिंग फैसिलिटी ₹111.83 करोड़ की प्रोजेक्ट लागत से तैयार की गई थी.
First Hydrogen Train: रोज दो फेरे, 12 स्टेशनों पर ठहराव
यह ट्रेन प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप करेगी और कुल 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसकी अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा होगी तथा गोहाना समेत 12 स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा। पहली सर्विस सुबह 7:40 बजे जींद से निकलेगी और सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी. वापसी की यात्रा में ट्रेन सुबह 10:40 बजे सोनीपत से निकलेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी .
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